कल्याण बनर्जी की चुनौतियाँ
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को दो महत्वपूर्ण चुनौतियाँ दी हैं। उन्होंने मांग की कि सीएम भवानीपुर मतगणना केंद्र की सीसीटीवी फुटेज को जनता के सामने रखें और दोबारा मतगणना कराएं। इसके साथ ही, उन्होंने शुभेंदु अधिकारी से चार अंतरों वाला ‘वंदे मातरम्’ गाने की भी चुनौती पेश की।
कल्याण बनर्जी के ये बयान टीएमसी छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान आए, जिससे राज्य की राजनीति में एक नई गर्मी देखने को मिल रही है।
अभिषेक बनर्जी का केंद्र सरकार पर हमला
इस कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की NDA सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों की शक्ति ने 'दिल्ली के जमींदारों' को झुकने पर मजबूर कर दिया है। उनका बयान हाल में नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए आंदोलनों की ओर इशारा करता है।
अभिषेक ने यह भी कहा कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, और युवाओं की शक्ति का महत्व बढ़ता जा रहा है।
गद्दारों को पार्टी में नहीं लेने का आश्वासन
अभिषेक बनर्जी ने पार्टी में बदलाव करने वाले नेताओं, सांसदों और विधायकों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस एक भी गद्दार को वापस पार्टी में नहीं लेगी। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.5 करोड़ महिलाओं को सहायता दी जा रही है।
इसके विपरीत, अभिषेक ने कहा कि भाजपा सरकार केवल 1.5 करोड़ महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत लाभ पहुँचाने के लिए संघर्ष कर रही है। यह योजना पिछले टीएमसी शासन की लक्ष्मी भंडार योजना की जगह शुरू की गई है।
राजनीतिक टकराव की संभावना
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने पात्र महिलाओं को प्रति माह 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने के लिए अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत की है। टीएमसी छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर दोनों नेताओं के बयानों से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो सकती है।
राजनीतिक दलों के बीच यह टकराव राज्य की राजनीति में नई चुनौतियों का सामना करवा सकता है।





