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"यह बिल मुसलमानों के खिलाफ नहीं" – JDU-TDP ने वक्फ का समर्थन कर विपक्ष पर साधा निशाना

टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने संसद में बोलते हुए वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग और कुप्रबंधन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "वक्फ के पास 1.2 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति है, लेकिन यह संपत्तियां अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार की शिकार हैं।

"यह बिल मुसलमानों के खिलाफ नहीं" – JDU-TDP ने वक्फ का समर्थन कर विपक्ष पर साधा निशाना
फोटो: "यह बिल मुसलमानों के खिलाफ नहीं" – JDU-TDP ने वक्फ का समर्थन कर विपक्ष पर साधा निशाना
लोकसभा में आज पेश किए गए वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। जहां एनडीए और उसकी सहयोगी पार्टियां इस बिल के समर्थन में एकजुट नजर आईं, वहीं INDIA गठबंधन ने इसका पुरजोर विरोध किया। दिलचस्प रूप से, नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने भी इस विधेयक के समर्थन में अपने रुख को स्पष्ट कर दिया।

विधेयक पर टीडीपी का समर्थन


टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने संसद में बोलते हुए वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग और कुप्रबंधन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "वक्फ के पास 1.2 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति है, लेकिन यह संपत्तियां अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार की शिकार हैं। हमारी पार्टी मानती है कि इस संपत्ति का उपयोग मुस्लिम समाज और विशेष रूप से महिलाओं के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। हम इसमें सुधार चाहते हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि संशोधित विधेयक में 14 बड़े संशोधन किए गए हैं और टीडीपी द्वारा सुझाए गए तीन प्रमुख बिंदुओं को स्वीकार किया गया है, जो मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की रक्षा को सुनिश्चित करते हैं। टीडीपी ने राज्य सरकारों को वक्फ बोर्ड की संरचना और नियम तय करने का अधिकार दिए जाने की भी मांग की। पार्टी ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य पारदर्शिता लाना है, इसलिए टीडीपी इसका समर्थन करती है।

जेडीयू का समर्थन और विपक्ष पर निशाना


केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री और जेडीयू सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भी इस विधेयक के विरोध को बेबुनियाद बताया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "यह झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की जा रही है कि यह बिल मुसलमानों के खिलाफ है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं है, बल्कि यह एक ट्रस्ट है, जो मुसलमानों के कल्याण के लिए काम करता है।" उन्होंने तर्क दिया कि इस ट्रस्ट को पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ काम करना चाहिए, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो रहा था। विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करना है।

ललन सिंह ने विपक्ष पर करारा हमला करते हुए कहा, "मोदी जी को कोसना बंद करिए। अगर आपको उनका चेहरा पसंद नहीं है तो मत देखिए, लेकिन जनता उन्हें पसंद करती है। उन्होंने वक्फ संपत्तियों को कुछ लोगों के चंगुल से निकालकर आम मुसलमानों के हित में काम करने के लिए आगे बढ़ाया है।" उन्होंने कहा कि इस विधेयक का विरोध केवल वे लोग कर रहे हैं, जो या तो वोट बैंक की राजनीति करते हैं या फिर जिनका वक्फ संपत्तियों पर कब्जा था। "इस विधेयक का मकसद वक्फ की आमदनी को सही दिशा में खर्च करना सुनिश्चित करना है। इसमें दिक्कत किसे हो रही है? क्या आप मुसलमानों के विकास के खिलाफ हैं?" 

ललन सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को सेक्युलरिज्म के साथ एक विकसित भारत की ओर ले जाना चाहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "मोदी जी मुस्लिम महिलाओं को भी अधिकार दे रहे हैं, लेकिन कुछ लोग देश को बांटकर केवल वोट बैंक की राजनीति करना चाहते हैं। क्या आप चाहते हैं कि वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल पारदर्शी तरीके से न हो?"

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