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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू, Waqf और मणिपुर हिंसा पर घमासान के आसार

सत्र के पहले दिन यानी आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मणिपुर का बजट पेश करेंगी। गौरतलब है कि मणिपुर में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 |

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू, Waqf और मणिपुर हिंसा पर घमासान के आसार
फोटो: Budget Session
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज (सोमवार) से शुरू हो रहा है, जिसमें सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव के आसार हैं। मुख्य रूप से मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) में कथित हेराफेरी, मणिपुर में हालिया हिंसा, ट्रंप प्रशासन के साथ भारत के रुख और वक्फ संशोधन विधेयक जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं, सरकार का पूरा ध्यान बजटीय प्रक्रिया को पूरा करने, अनुदान मांगों के लिए मंजूरी लेने और वक्फ संशोधन विधेयक पारित कराने पर केंद्रित रहेगा।

वित्त मंत्री पेश करेंगी मणिपुर का बजट


सत्र के पहले दिन यानी आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मणिपुर का बजट पेश करेंगी। गौरतलब है कि मणिपुर में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है। ऐसे में अब वित्त मंत्री सदन में मणिपुर के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगी और इसे पास कराने के लिए मंजूरी मांगी जाएगी। बजट सत्र के इस चरण में सरकार की प्राथमिकता वक्फ संशोधन विधेयक को पारित कराना और मणिपुर के लिए बजटीय प्रक्रिया को पूरा करना होगा। हालांकि, विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह मणिपुर हिंसा, मतदाता सूची में हेराफेरी और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

मतदाता सूची में हेरफेर का मुद्दा गरमाएगा सदन


सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मतदाता सूची में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगने का निर्णय लिया है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि कुछ मतदाताओं के EPIC (मतदाता फोटो पहचान पत्र) नंबर एक जैसे हैं, जिससे अन्य राज्यों के मतदाता पश्चिम बंगाल में मतदान कर सकते हैं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इस आरोप को खारिज करते हुए स्पष्टीकरण दिया था कि समान EPIC नंबर के बावजूद जनसांख्यिकी जानकारी, मतदान केंद्र और निर्वाचन क्षेत्र अलग-अलग होते हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेता इस मामले में सोमवार को निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में इसे प्रमुखता से उठाने के लिए कांग्रेस, डीएमके, शिवसेना (यूबीटी) सहित अन्य विपक्षी दलों को एकजुट करने का प्रयास करेंगे।

वक्फ संशोधन विधेयक पर बढ़ेगा राजनीतिक टकराव


सरकार के लिए वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को पारित कराना इस सत्र की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। इससे पहले विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति ने भारी विरोध के बीच अपनी रिपोर्ट लोकसभा में प्रस्तुत की थी। अब सरकार इसे जल्द से जल्द पारित कराने के लिए तैयार है। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि यह विधेयक अल्पसंख्यक समुदायों के हितों के खिलाफ है और इसे राजनीतिक उद्देश्य से लाया जा रहा है। ऐसे में संसद में इस मुद्दे पर जोरदार बहस होने की संभावना है। संसद के बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चला था, जबकि दूसरा चरण 10 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चलेगा। 

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