सरकार का कहना है कि तेलंगाना घृणास्पद भाषण विधेयक 2026 समाज में शांति बनाए रखने और उन तत्वों पर रोक लगाने के लिए लाया गया है, जो अपने भाषण या गतिविधियों से दंगे और सामाजिक टकराव भड़काने की कोशिश करते हैं।
तेलंगाना घृणास्पद भाषण विधेयक 2026
विधानसभा में तेलंगाना सरकार बिल असेंबली राज्य के विधायी कार्य मंत्री डी. श्रीधर बाबू द्वारा पेश किया गया। प्रस्तावित कानून के अनुसार, घृणा फैलाने वाले अपराध में दोषी पाए जाने पर कम से कम एक साल की सजा होगी, जिसे सात साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही 50,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
अगर कोई व्यक्ति बार-बार ऐसा अपराध करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में 2 साल से लेकर 10 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। खास बात यह है कि इस विधेयक के तहत अपराध को गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया है।
क्यों जरूरी पड़ा नया कानून
सरकार के मुताबिक, मौजूदा कानून हेट स्पीच के बदलते स्वरूप और डिजिटल माध्यमों में फैलती नफरत को पूरी तरह नियंत्रित करने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए एक विशेष और मजबूत कानूनी ढांचे की जरूरत महसूस की गई। इस विधेयक का उद्देश्य न केवल अपराधियों को सजा देना है, बल्कि पीड़ितों को सुरक्षा और न्याय भी सुनिश्चित करना है।
तेलंगाना मंत्रिमंडल ने 23 मार्च 2026 को इस बिल को मंजूरी दी थी, जिसके बाद इसे विधानसभा में पेश किया गया।
कर्नाटक के बाद दूसरा राज्य बन सकता है तेलंगाना
अगर यह विधेयक पारित हो जाता है, तो तेलंगाना देश का दूसरा राज्य बन जाएगा जहां हेट स्पीच पर इतना सख्त कानून लागू होगा। इससे पहले कर्नाटक में दिसंबर 2025 में इसी तरह का कानून पारित किया जा चुका है, जिसमें 1 से 7 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
गिग वर्कर्स के लिए भी लाया गया विधेयक
इसी के साथ सरकार ने तेलंगाना प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर (पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण) अधिनियम, 2026 भी पेश किया है। इस कानून से राज्य के लगभग 42 लाख गिग और प्लेटफॉर्म आधारित श्रमिकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसमें श्रमिकों के पंजीकरण, एक कल्याण बोर्ड और विशेष फंड बनाने का प्रावधान शामिल है।
कुल मिलाकर, तेलंगाना सरकार का यह कदम कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और समाज में नफरत फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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