कांग्रेस पार्टी में बढ़ते विवाद
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के विवाद सुलझने के बाद अब तेलंगाना में पार्टी के भीतर बगावत के स्वर उठने लगे हैं। यह आंतरिक संघर्ष तब खुलकर सामने आया जब कैबिनेट मंत्री कोंडा सुरेखा की बेटी कोंडा सुष्मिता ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को न केवल चुनौती दी, बल्कि उन्हें अहंकारी भी करार दिया। पार्कल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही सुष्मिता ने यह स्पष्ट किया कि वह अगले चुनाव में इसी सीट से जीतेंगी।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सुष्मिता पार्टी टिकट प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। यह विवाद तब बढ़ा जब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मौजूदा विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी का समर्थन किया, जिससे कांग्रेस पार्टी के भीतर की दरारें और भी गहरी हो गईं।
सीएम पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कोंडा सुष्मिता ने उन पर निशाना साधते हुए कहा, "चाहे आप आ जाएं या आपके पिता या दादा, पार्कल से विधायक मैं ही बनूंगी।" उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी पूछा कि वह उनके टिकट तय करने वाले कौन होते हैं। सुष्मिता ने स्पष्ट किया कि यदि पार्टी उन्हें चुनाव नहीं लड़ने देना चाहती, तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ने का विकल्प भी रखेंगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी चुनौती दी कि अगर उन्हें उन पर इतना भरोसा है, तो क्यों नहीं अभी इस्तीफा दिलवाकर उप चुनाव कराए जाते हैं।
अहंकार और भ्रष्टाचार के आरोप
सीएम रेवंत रेड्डी के प्रति नाराजगी जताते हुए कोंडा सुष्मिता ने उन्हें अहंकारी बताया और कहा कि उनकी अगुवाई में कांग्रेस पार्टी 'टीडी कांग्रेस' बन गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में पिछड़े वर्गों (OBC) का प्रतिनिधित्व कम हो गया है और पुराने नेताओं की अनदेखी की जा रही है।
सुष्मिता ने मुख्यमंत्री के भाई से संबंधित 200 करोड़ के भूमि सौदे का भी आरोप लगाया और चेतावनी दी कि वह रेवंत रेड्डी के परिवार से जुड़े अन्य कथित घोटालों का खुलासा कर सकती हैं। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है और ये केवल उनके दावे के रूप में ही प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी का कार्रवाई का कदम
कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ इस प्रकार का खुला हमला सामने आने के बाद पार्टी नेतृत्व ने कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री कोंडा सुरेखा को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उनकी बेटी द्वारा रेवंत रेड्डी और विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी के खिलाफ की गई टिप्पणियों के संदर्भ में जारी किया गया है, जिसमें उनसे तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।





