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तेज प्रताप यादव की राजनीतिक सक्रियता और नई पहलें जारी

तेज प्रताप यादव की राजनीतिक सक्रियता के बीच उन्होंने प्रशांत किशोर से मुलाकात की, जहां जनहित और भविष्य की राजनीति पर गहन चर्चा हुई। साथ में विचार।

तेज प्रताप यादव की राजनीतिक सक्रियता और नई पहलें जारी
फोटो: Tej Pratap Yadav, Prashant Kishor meeting
जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने हाल ही में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर से अहम मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच बातचीत का मुख्य विषय जनहित और भविष्य की राजनीति रहा। तेज प्रताप ने खुद ट्विटर पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए इसे राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।

तेज प्रताप की राजनीतिक सक्रियता

तेज प्रताप यादव ने ट्वीट में कहा कि मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी। दोनों नेताओं ने जनता की अपेक्षाओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। तेज प्रताप ने इसे अपने राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव बताते हुए कहा कि इस बातचीत ने उनके सकारात्मक सोच और जनसेवा के संकल्प को और मजबूत किया।

प्रशांत किशोर की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनका असर आने वाले समय में बिहार राजनीति खबर की दिशा तय कर सकता है। तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद केवल राजनीतिक गठजोड़ नहीं बल्कि जनता के हित में योजनाओं और सोच को आगे बढ़ाना है।

JJD का गठन और चुनावी अनुभव

तेज प्रताप यादव ने आरजेडी से निष्कासन के बाद पिछले साल जनशक्ति जनता दल (JJD) की स्थापना की थी। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि, उनके प्रयास रंग नहीं ला सके।

JJD ने कुल 44 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई। तेज प्रताप स्वयं तीसरे स्थान पर रहे। महुआ में लोक जनशक्ति पार्टी के संजय कुमार सिंह ने 87,641 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि RJD के मुकेश कुमार रौशन दूसरे नंबर पर रहे और तेज प्रताप यादव 35,703 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे।

प्रशांत की पार्टी का चुनावी प्रदर्शन

इसी तरह, प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी ने भी बिहार विधानसभा चुनाव में लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं की। पार्टी की सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई और 100 से अधिक सीटों पर पार्टी तीसरे स्थान पर रही। चुनाव से पहले बड़े दावे करने वाले प्रशांत किशोर का जमीन पर प्रभाव नहीं दिखा।

आगे की राजनीति पर नजर

तेज प्रताप यादव और प्रशांत किशोर की यह मुलाकात यह संकेत देती है कि दोनों नेता भविष्य में राजनीतिक रणनीतियों और जनहित कार्यक्रमों पर सहयोग कर सकते हैं। तेज प्रताप ने इस संवाद को अपने राजनीतिक जीवन का प्रेरणादायक अनुभव बताया और जनता की सेवा की भावना को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई।