अन्नामलाई का विजय पर हमला: "जो कहते हो, उसे करके भी दिखाओ"
कोयंबटूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अन्नामलाई ने कहा, "मैं विजय से कहना चाहता हूँ कि जो कहते हो, उसे करके भी दिखाओ। भाई, झूठ क्यों बोल रहे हो? तुम्हारे बच्चे तीन भाषाएँ पढ़ते हैं। तुम जो स्कूल चलाते हो, विजय विद्याश्रम, उसमें तीन भाषाएँ पढ़ाई जाती हैं। लेकिन टीवीके पार्टी कार्यकर्ताओं के बच्चों को सिर्फ दो भाषाएँ पढ़नी चाहिए?"
अन्नामलाई की यह टिप्पणी विजय के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने डीएमके की नेतृत्व वाली राज्य सरकार और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के बीच भाषा विवाद को लेकर दोनों पर निशाना साधा था। विजय ने टीवीके की पहली वर्षगांठ पर कहा था कि केंद्र और राज्य सरकारें इस मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही हैं और उनके बीच का मतभेद महज दिखावा है।
विजय का भाजपा और डीएमके पर पलटवार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लेकर केंद्र सरकार के रुख पर कटाक्ष करते हुए विजय ने इस राजनीतिक लड़ाई को "बचकानी तकरार" करार दिया। उन्होंने भाजपा-द्रमुक सोशल मीडिया विवाद को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा, "वे हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर खेल रहे हैं। वे सोशल मीडिया पर लड़ने का नाटक कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि हम इस पर यकीन कर लें। क्या भाई, यह बहुत गलत है भाई।" अन्नामलाई ने विजय के "#GetOut" अभियान पर भी सवाल उठाए, जिसे टीवीके की सालगिरह के मौके पर लॉन्च किया गया था। इस अभियान में विजय ने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ एक बोर्ड पर हस्ताक्षर किए, जिस पर लिखा था "#GetOut"।
भाजपा नेता ने चुटकी लेते हुए कहा कि राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने इस बोर्ड पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में प्रशांत किशोर की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
उन्होंने यह भी पूछा कि अगर विजय तमिलनाडु में खुद को महेंद्र सिंह धोनी की तरह स्वीकार किए जाने की उम्मीद रखते हैं, तो वे राज्य के लिए ठोस योगदान क्यों नहीं दे रहे। अन्नामलाई ने कहा, "तमिल हमेशा उनका स्वागत करते हैं जो राज्य के लिए अच्छा करते हैं। इसका एक बेहतरीन उदाहरण धोनी हैं। वह भाषा जाने बिना ही आ गए, लेकिन हमने उन्हें अपना बेटा बना लिया। अगर आप अच्छा करेंगे तो हम आपको स्वीकार करेंगे।"





