ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी में छात्रों का प्रदर्शन
छात्रा की मौत के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों और परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रशासन ने लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया और शिक्षक छात्रों के साथ पक्षपात और दुर्व्यवहार करते हैं। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। ADCP सुधीर कुमार ने बताया, "परिवार की शिकायत के आधार पर आईपीसी की उचित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है।"
घटना को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पीआरओ डॉ. अजित कुमार ने कहा, “हम छात्रा की असामयिक मृत्यु से बेहद दुखी हैं और शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े हैं। विश्वविद्यालय ने मामले की आंतरिक जांच के लिए एक समिति गठित की है। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए गए व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों का कहना है कि बीडीएस कोर्स के प्रैक्टिकल वर्क में संबंधित शिक्षकों के सिग्नेचर जरूरी होते हैं। कई बार शिक्षक जानबूझकर हस्ताक्षर नहीं करते, जिससे छात्रों को मानसिक तनाव झेलना पड़ता है। मृतका ने सुसाइड नोट में कुछ शिक्षकों पर इसी तरह की प्रताड़ना और भेदभाव का आरोप लगाया है।





