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ज़ुबीन गर्ग मामले में सिंगापुर का फैसला, साजिश को नकारा

ज़ुबीन गर्ग मामले में सिंगापुर कोर्ट का फैसला आया, गायक जुबिन गर्ग की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण और आकस्मिक घटना बताया, किसी साजिश या हत्या की पुष्टि नहीं हुई।

ज़ुबीन गर्ग मामले में सिंगापुर का फैसला, साजिश को नकारा
फोटो: Zubeen Garg case Singapore verdict, Himanta Biswa Sarma response Zubeen Garg case
ज़ुबीन गर्ग मामले में सिंगापुर का फैसला आया है कि उनकी मौत एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और इसमें किसी साजिश या हत्या का कोई प्रमाण नहीं है। जांच में यह पाया गया कि जुबिन की मौत एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और उनकी मौत डूबने से हुई। कोर्ट ने कहा कि उन्हें किसी ने पानी में गिराया या किसी तरह का दबाव नहीं डाला गया।

ज़ुबीन गर्ग मामले में सिंगापुर का फैसला

ज़ुबीन गर्ग मामले में सिंगापुर का फैसला सामने आने के बाद, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सिंगापुर के निष्कर्ष और असम पुलिस की चार्जशीट में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोनर ने पाया कि जुबिन ने शराब पी थी, और असम पुलिस की जांच ने भी यही निष्कर्ष निकाला। हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह साफ किया कि असम पुलिस का कहना था कि उन्हें जबरदस्ती शराब पिलाई गई थी।

विपक्ष ने जताई असंतुष्टि 

जुबीन गर्ग मामले पर हिमंत बिस्वा सरमा की प्रतिक्रिया में कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने कहा कि जनता सच जानना चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि आखिर हत्यारों को सजा मिली या नहीं। वहीं, असम जातीय परिषद (AJP) के नेता चित्तरंजन बसुमतारी ने सवाल उठाया कि दो अलग-अलग देशों की जांच एजेंसियां एक ही मामले में अलग निष्कर्ष कैसे निकाल सकती हैं।

CM ने उठाए विपक्षी सवालों के जवाब

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम पुलिस इस मामले में सिंगापुर पुलिस से बेहतर काम कर सकती थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि असम पुलिस वहां जाती, तो शायद आज का यह निष्कर्ष नहीं मिलता। उन्होंने जनता से कहा कि यह साबित हो गया कि राज्य सरकार ने राजनीति से अलग होकर ईमानदारी से जांच कराई।

आरोपी और कानूनी स्थिति

जुबिन गर्ग के मामले में न्यायिक हिरासत में सात आरोपी हैं। इनमें NEIF के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंता, गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और उनके बैंड के दो सदस्य शामिल हैं। आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है, लेकिन सिंगापुर की जांच में किसी साजिश का प्रमाण नहीं मिला।

इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जुबिन गर्ग की मौत दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, और दोनों देशों की पुलिस जांच ने कई बिंदुओं पर मिलकर निष्कर्ष दिया है। जनता की निगाहें अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।