सौरभ दास का चुनौतीपूर्ण बयान
कांग्रेस सांसद शशि थरूर अपने विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं। कभी-कभी उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं और नीतियों पर भी सवाल उठाए हैं। हाल ही में, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने थरूर का एक पुराना बयान साझा कर उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उकसाने की कोशिश की। लेकिन थरूर ने इस उकसावे का सफलतापूर्वक सामना किया और खुद को विवाद से दूर रखा।
सौरभ दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्री विनायक मंदिर में दर्शन करते हुए एक वीडियो को साझा किया, जिसमें मोदी शिवलिंग पर जल चढ़ाते दिखाई दे रहे थे। उन्होंने थरूर से उनके 2018 के विवादास्पद 'शिवलिंग पर बिच्छू' वाले बयान को दोहराने का आग्रह किया।
थरूर का सधा हुआ जवाब
सौरभ दास के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने सीधे तौर पर किसी भी पुराने बयान का उल्लेख करने से इनकार कर दिया। उनके जवाब में उन्होंने लिखा, 'अगर मुझे जरा सा भी अंदाजा होता कि आप किस ओर इशारा कर रहे हैं, तो मुझे बिल्कुल ऐतराज नहीं होता! कृपया मेरा मार्गदर्शन करें।' थरूर का यह संक्षिप्त उत्तर दास के उकसावे को नकारने में सफल रहा।
हालांकि, दास ने थरूर का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया था, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका इशारा 2018 में किए गए थरूर के उस चर्चित बयान की तरफ था, जिसके लिए उन पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। थरूर ने तब कहा था, 'मोदी शिवलिंग पर बैठे उस बिच्छू की तरह हैं, जिसे न तो हाथ से हटाया जा सकता है और न ही चप्पल से मारा जा सकता है।' इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
प्रधानमंत्री की पूजा-अर्चना
आपको यह भी बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में गुजरात और केंद्र में अपने निर्बाध 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित श्री विनायक मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। इस मौके पर सौरभ दास ने वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया।
दास ने अपनी बात को पेश करते समय थरूर की शब्दावली का इस्तेमाल किया और अपनी टिप्पणी में क्लिष्ट और भारी-भरकम अंग्रेजी का सहारा लिया।





