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रेजीनगर उपचुनाव: बीजेपी को मिली मजबूत बढ़त, टीएमसी का भविष्य दांव पर

बीजेपी की बढ़त ममता बनर्जी के गढ़ में टीएमसी के लिए चुनौती बन गई है।

रेजीनगर उपचुनाव: बीजेपी को मिली मजबूत बढ़त, टीएमसी का भविष्य दांव पर
फोटो: Rezinagar By-Election: BJP Takes Strong Lead, TMC's Future at Stake

उपचुनाव की पृष्ठभूमि

पश्चिम बंगाल में दो सीटों पर उपचुनाव चल रहा है, जिसमें रेजीनगर एक महत्वपूर्ण केंद्र है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी, लेकिन उन्होंने बाद में नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी, जो ममता बनर्जी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। इसके अलावा, हुमायूं कबीर ने भी दो सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन उन्होंने रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया। इस क्षेत्र को मुस्लिमों का गढ़ समझा जाता है, जिसके चलते भाजपा के अलावा कांग्रेस, टीएमसी और वामपंथियों ने यहां मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।


भाजपा की बढ़त

चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, चार राउंड की गिनती के बाद भाजपा के उम्मीदवार शाखारव सरकार 23,000 से अधिक मतों से आगे चल रहे हैं। जबकि, कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को अब तक 12,707 मत प्राप्त हुए हैं और वह दूसरे स्थान पर हैं। मौजूदा स्थिति में कांग्रेस और टीएमसी का ममता गुट पिछड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।


राजनीतिक संदेश

यदि भाजपा यह उपचुनाव जीत जाती है, तो यह बंगाल की राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में एक महत्वपूर्ण संदेश भेजेगा। ममता गुट के लिए रेजीनगर इस बात का परीक्षण है कि क्या वह अपने परिचित टीएमसी नाम और चिह्न के बिना अपने चुनावी आधार को बनाए रख सकता है। यदि भाजपा जीतती है, तो यह संकेत होगा कि भगवा पार्टी की अपील मुस्लिम समुदाय तक भी पहुंच रही है। चुनाव प्रचार के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि वह किसी को 'जय श्रीराम' का नारा लगाने के लिए बाध्य नहीं करते हैं।


विश्लेषकों की राय

राजनीतिक विश्लेषक शुभोमय मोइत्रा ने पीटीआई से बातचीत में कहा था कि उपचुनावों को सरकार के लिए जनमत संग्रह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, लेकिन इनसे चुनावी रुझानों का प्रारंभिक अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा, "यह सरकार के कामकाज और राजनीतिक अपील का शुरुआती चुनावी संकेत दे सकता है।"