Molitics Logo
होम राष्ट्रीय रेवंत रेड्डी ने मोदी को 'रावण' बताया, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 'बंदरों की सेना' कहा
राष्ट्रीय • तेलंगाना

रेवंत रेड्डी ने मोदी को 'रावण' बताया, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 'बंदरों की सेना' कहा

रेवंत रेड्डी ने वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई की बात की और मोदी पर गंभीर आरोप लगाए।

रेवंत रेड्डी ने मोदी को 'रावण' बताया, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 'बंदरों की सेना' कहा
फोटो: Revanth Reddy Calls Modi 'Ravana', Compares Congress Workers to 'Army of Monkeys'

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ताकत को बताया 'बंदरों की सेना'

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 'बंदरों की सेना' की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि यह सेना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के लिए दिल्ली आ रही है। रेड्डी ने मोदी को 'रावण' के रूप में चित्रित करते हुए इस बात की घोषणा की, जब वह इंडिया गठबंधन की 'चलो दिल्ली' रैली की तैयारी के सिलसिले में रामलीला मैदान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे थे।


मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि रेड्डी ने तेलंगाना भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए 'वोट चोरी' के खिलाफ संघर्ष की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि गरीबों और आम जनता के वोट बड़े पैमाने पर हटाए जा रहे हैं।


रेवंत रेड्डी का बयान

रेवंत रेड्डी ने कहा, 'हमारी बंदरों की सेना रावण मोदी को हराने के लिए आ गई है। हम रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।' उन्होंने आगे कहा कि 13.5 करोड़ वोट पहले ही हटा दिए गए हैं और आने वाले दिनों में 20 करोड़ और वोट हटाए जाएंगे। रेड्डी ने आरोप लगाया कि गरीबों के वोट काटे जा रहे हैं और मोदी को फिर से सत्ता में लाने की साजिश की जा रही है।


उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेनें रोकने के बावजूद लोग बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंच रहे हैं। रैली में शामिल होने से पहले, रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास पर जाकर रैली की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा की।


वी हनुमंत राव का बयान

तेलंगाना सरकार के सलाहकार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता वी. हनुमंत राव ने भी SIR प्रक्रिया के संबंध में गंभीर टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से आम मतदाताओं को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। राव ने बताया कि जब कोई व्यक्ति वोट डालता है, तो उसे विभिन्न सुविधाएं जैसे राशन कार्ड, नौकरी और शिक्षा मिलती हैं, लेकिन ये सारी सुविधाएं छीन ली जा रही हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी समुदाय के अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि प्रधानमंत्री स्वयं ओबीसी श्रेणी से आते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी की भूमिका को भी रेखांकित किया।


रैली का उद्देश्य और विपक्ष का विरोध

यह रैली वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष के बड़े विरोध का हिस्सा है। विपक्ष का दावा है कि SIR के तहत बिना सही जांच के लाखों सही मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। यह विरोध 31 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए सार्वजनिक 'इम्पीचमेंट' कार्यक्रम के बाद और तेज हुआ है।


रविवार को मिंटो रोड पर हजारों समर्थक जमा हुए। इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 'चलो दिल्ली' मेगा मार्च शुरू किया, जो मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान की ओर बढ़ा। इस दौरान नारेबाजी की गई और लोग बैनर-पोस्टर लेकर आए।


राहुल गांधी का आरोप

मार्च शुरू होने से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कनॉट प्लेस में दुकानों को जबरदस्ती बंद करा दिया है। उन्होंने कहा, 'जब आप यहां मार्च के लिए आएं तो खरीदारी करें, लेकिन जब हम कनॉट प्लेस पहुंचे, तो पता चला कि बीजेपी ने हर दुकान बंद करा दी है।'


राहुल गांधी ने व्यापारियों को होने वाले नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने यह सवाल उठाया कि व्यापारियों को नुकसान कौन पहुंचा रहा है।


विपक्ष का आरोप और चुनाव आयोग की आलोचना

इंडिया गठबंधन का कहना है कि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के तहत बिना वेरिफिकेशन के सही वोटरों के नाम बड़ी संख्या में हटाए गए हैं, विशेषकर पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों के। विपक्षी दलों ने इसे जानबूझकर किया गया कदम बताया है, ताकि कुछ खास वर्गों के वोट कम हो जाएं।


इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि वह चुनावी प्रक्रिया की ईमानदारी बनाए रखने में असफल रहा है।