रामलीला मैदान में महाभारत का आयोजन
दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली को संबोधित करते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कठोर शब्दों में हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज हमने वोट चोरों के खिलाफ महाभारत का आयोजन किया है। यह मैदान आमतौर पर रामायण के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन आज जब महाभारत की तैयारी है और शकुनि अपनी चालें चल रहा है, तो हमें कुरुक्षेत्र में उतरना पड़ रहा है।
तेजस्वी यादव ने निर्वाचन आयोग में सॉफ्टवेयर घोटाले का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब टीसीएस को सॉफ्टवेयर के लिए टेंडर दिया गया, तो उसके कागजात कहां हैं? उन्होंने नरेंद्र मोदी की सरकार को 'दो नंबरी' करार देते हुए कहा कि आज आरएसएस के लोग यह तय कर रहे हैं कि कौन वोट देगा और कौन नहीं।
लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम लोकतंत्र को समाप्त नहीं होने देंगे। रामलीला मैदान में जहां आमतौर पर रामायण का पाठ होता है, वहां आज हमने वोट चोरों के खिलाफ महाभारत शुरू किया है। उन्होंने कहा कि शकुनि जब पासा फेंकता था, तो उसमें बेईमानी होती थी, ऐसे में हमें कुरुक्षेत्र में उतरकर लड़ाई लड़नी होगी।
ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा
आरजेडी नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'मोदी की कठपुतली' बताते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने और उन्हें जेल भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर मुकदमा चलाना चाहिए, ताकि किसी को भी लोकतंत्र को खत्म करने की हिम्मत न हो। तेजस्वी ने बताया कि लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा तानाशाही नहीं, बल्कि ऐसी संस्थाएं हैं जो कठपुतली बन चुकी हैं।
देश के वोटर और चीटर के बीच की लड़ाई
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि वर्तमान में संवैधानिक संस्थाएं निर्णय लेने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी, आपको देश और ज्ञानेश कुमार के बीच एक को चुनना होगा। यह लड़ाई देश के वोटरों और चीटरों के बीच है। उन्होंने बिहार की धरती से आकर लोगों से अपील की कि वे आने वाले यूपी चुनाव में भाजपा को हराएं।
अखिलेश यादव का बयान
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रैली को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि जनसभा के दौरान 1.27 लाख हिंदू भाइयों के वोट काट दिए गए हैं, जिससे हर विधानसभा में 31 हजार वोट कम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग 'अंगद का पैर' कहने की बात करते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि जब जमीन ही नहीं बची है, तो पैर कहां रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि काशी की जनता ने 'डबल इंजन' की सरकार को 'डबल जीरो' दिया है।





