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TMC के बागी गुट का नया चुनावी खेल, भाजपा को होगा फायदा

ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाला तृणमूल कांग्रेस का बागी गुट कोलकाता नगर निगम चुनाव में भाजपा के खिलाफ लड़ाई में जुट गया है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य ममता बनर्जी के वोट बैंक को कमजोर करना है, जिससे भाजपा को लाभ पहुंचेगा।

TMC के बागी गुट का नया चुनावी खेल, भाजपा को होगा फायदा
फोटो: TMC के बागी गुट का नया चुनावी खेल, भाजपा को होगा फायदा

TMC के बागी गुट की चुनावी तैयारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी द्वारा संचालित तृणमूल कांग्रेस (TMC) का बागी गुट कोलकाता नगर निगम चुनाव की तैयारियों में जुट गया है। उन्होंने घोषणा की है कि उनकी पार्टी सभी 209 वार्डों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ प्रत्याशी उतारेगी। इस संबंध में अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए इस सप्ताहांत वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक आयोजित की जा रही है। यह कदम तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही आंतरिक लड़ाई को और बढ़ावा देने वाला है।


पार्टी की स्थिति विधानसभा चुनाव में हुई हार के बाद से ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले 'कालीघाट कैंप' और ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट के बीच बुरी तरह विभाजित है। ऋतब्रत बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि कोलकाता नगर निगम के प्रस्तावित परिसीमन के बाद, जो संभवतः दिसंबर में होगा, उनका गुट हर वार्ड से चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा, 'परिसीमन के बाद 209 वार्ड होंगे और हमारे उम्मीदवार हर वार्ड में भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।'


नागरिक निकाय चुनाव की रणनीति

ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि उनका गुट हावड़ा समेत अन्य नगर निकायों में भी हर वार्ड से चुनाव लड़ेगा। नगर निकाय चुनाव के लिए रणनीति तय करने हेतु इस सप्ताह के अंत में वरिष्ठ नेताओं की बैठक में 'सामूहिक फैसला' लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। गुट ने उत्तरी और दक्षिणी कोलकाता के जिला अध्यक्षों को प्रस्तावित वार्डों के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है।


यह गुट वार्डों के नए परिसीमन पर जन-सुनवाइयों के लिए भी तैयारी कर रहा है, जो कि पांच सितंबर से प्रारंभ होंगी। ऋतब्रत बनर्जी ने अपने प्रतिनिधियों को निर्देशित किया है कि वे इन सुनवाइयों में आवश्यक दस्तावेज़ों और वार्डों के प्रस्तावित पुनर्गठन पर अपनी आपत्तियों के साथ भाग लें।


भाजपा की चुनावी तैयारी

इस बीच, भाजपा ने अपनी चुनाव समिति का गठन कर लिया है और चुनाव प्रचार प्रारंभ कर दिया है। बागी गुट से तृणमूल के उप-नेता संदीपन साहा ने परिसीमन पर हुई सर्वदलीय बैठक में पहले ही गुट की आपत्तियां प्रस्तुत की हैं।


ऋतब्रत बनर्जी का गुट यह प्रदर्शित करने की कोशिश कर रहा है कि उनके पास भी एक ऐसा संगठनात्मक ढांचा है जो भाजपा और तृणमूल दोनों का सामना कर सकता है। गुट के करीबी नेताओं का मानना है कि निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनाव से पहले पार्टी के चुनाव चिह्न और फंड पर नियंत्रण के विवाद पर निर्णय ले सकता है, जिससे उनकी स्थिति मजबूत होगी। इस प्रकार ऋतब्रत की अगुवाई वाला TMC गुट भले ही भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ेगा, लेकिन यह भाजपा को लाभ पहुंचा सकता है, क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य ममता बनर्जी के वोट बैंक में सेंधमारी करना और उसका बंटवारा करना है।