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राष्ट्रीय • दिल्ली

रामलीला मैदान में वोट चोरी के मुद्दे पर उमड़ी भीड़, गांधीवादी आंदोलन और विपक्षी एकजुटता की चर्चा

रामलीला मैदान में वोट चोरी के मुद्दे पर बड़ी भीड़ जुटी। गांधीवादी आंदोलन, CJP के समर्थन और विपक्षी एकजुटता पर चर्चा हुई।

रामलीला मैदान में वोट चोरी के मुद्दे पर उमड़ी भीड़, गांधीवादी आंदोलन और विपक्षी एकजुटता की चर्चा
फोटो: रामलीला मैदान रैली, वोट चोरी, राहुल गांधी, INDIA गठबंधन, गांधीवादी आंदोलन

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखने को मिली। मैदान के आसपास की सड़कों और कनॉट प्लेस तक लोगों की भीड़ नजर आई। ग्राउंड रिपोर्ट में पत्रकारों ने अनुमान जताया कि रामलीला मैदान और आसपास के इलाकों में ढाई लाख से अधिक लोग हो सकते हैं। हालांकि, मौके पर कोई आधिकारिक हेडकाउंट नहीं किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, रैली में शामिल लोग नारे लगाने के साथ ढोल-नगाड़ों और नृत्य के जरिए उत्साह भी जाहिर कर रहे थे।

 

‘वोट चोर गद्दी छोड़’ बना प्रदर्शन का प्रमुख नारा

रैली में राहुल गांधी के भाषण के दौरान वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे। रिपोर्ट में शामिल पत्रकारों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे मताधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर यहां पहुंचे हैं। उनका मानना था कि यह मुद्दा अब आम लोगों तक पहुंच चुका है और गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होने आए हैं।

पत्रकारों ने कहा कि पहले के प्रदर्शनों की तुलना में इस बार आम नागरिकों की भागीदारी अधिक दिखाई दी। उनके मुताबिक, जब लोग किसी मुद्दे पर अपने घरों से निकलकर प्रदर्शन में शामिल होने लगते हैं, तो यह उस मुद्दे के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत हो सकता है।

 

गांधी के रास्ते पर चलने की बात, अराजकता के आरोपों पर जवाब

बातचीत में एक पत्रकार ने टीवी चैनलों पर एक नवंबर को संभावित प्रदर्शन और अराजकता से जुड़ी खबरों का जिक्र किया। इसके जवाब में दूसरे पत्रकार ने कहा कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत में उन्हें गांधीवादी तरीके से आंदोलन करने की बात सुनने को मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि धरना, प्रदर्शन और असहयोग का रास्ता अपनाना अराजकता कैसे हो सकता है।

रिपोर्ट में यह भी चर्चा हुई कि लोकतंत्र में सड़क पर उतरकर विरोध करना अपने आप में मांगें पूरी होने की गारंटी नहीं देता, लेकिन यह नागरिकों के विरोध का एक तरीका है।

 

CJP के समर्थन और विपक्षी एकजुटता पर चर्चा

कार्यक्रम में CJP की ओर से आंदोलन को समर्थन दिए जाने और अलग-अलग समूहों के एक साथ आने पर भी सवाल हुआ। पत्रकारों ने कहा कि अलग-अलग संगठनों के समान मुद्दे पर साथ आने को केवल राजनीतिक समीकरण के तौर पर नहीं देखना चाहिए। बातचीत में पहले हुए प्रदर्शनों, हिरासत और प्रशासनिक कार्रवाई के आरोपों का भी उल्लेख किया गया।

 

आंदोलन की रणनीति और आगे की राह

रिपोर्ट में राहुल गांधी, INDIA गठबंधन, नागरिक संगठनों और छात्र कार्यकर्ताओं की भागीदारी को रेखांकित किया गया। पत्रकारों के अनुसार, अलग-अलग समूहों का एक मांग के साथ जुटना आंदोलन के व्यापक स्वरूप को दिखाता है। हालांकि, प्रदर्शन की मांगों पर आगे क्या निर्णय होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

इस पूरी खबर को वीडियो फॉर्मेट में देखिए के लिए, क्लिक करें नीचे दिए गए लिंक पर- https://youtu.be/NjaEUn6tY0I?si=gSZGoH6_U4L3sVoF

 
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