दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के बाद बड़ी संख्या में लोग बाहर निकलते दिखाई दिए। रिपोर्ट के मुताबिक, मैदान की क्षमता करीब 50 हजार बताई गई, जबकि अंदर और बाहर भारी भीड़ मौजूद थी। आयोजकों और प्रदर्शनकारियों ने इसे देशभर से आए लोगों की भागीदारी बताया। ग्राउंड रिपोर्ट में भीड़ का अनुमान ढाई से तीन लाख तक बताया गया, हालांकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने इससे कहीं अधिक संख्या का दावा किया।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR वापस लेने की मांग
रैली में शामिल लोगों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं और इससे मताधिकार प्रभावित हो सकता है। उत्तर प्रदेश के देवरिया सहित दूर-दराज के गांवों से आए लोगों ने कहा कि वे युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।
कई लोगों ने राहुल गांधी के चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी से जुड़े बयानों का समर्थन किया। उनका मानना था कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर दबाव बनेगा।
रोजगार, महंगाई और लोकतंत्र पर प्रदर्शनकारियों की नाराजगी
रैली में बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दे भी उठे। एक प्रदर्शनकारी ने रोजगार के वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि नौजवानों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। कुछ वक्ताओं ने संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और मताधिकार को लोकतंत्र की बुनियाद बताया।
एक व्यक्ति ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बेहद कठोर और हिंसक मांग भी रखी। रिपोर्टर ने स्पष्ट किया कि ऐसी बातों का समर्थन नहीं किया जाता।
बारिश और कीचड़ के बीच जुटे लोग, व्यवस्थाओं पर सवाल
लगातार बारिश के कारण रामलीला मैदान में पानी और कीचड़ जमा होने की बात सामने आई। कुछ लोगों ने आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक इंतजामों पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि बैठने और आवाजाही में परेशानी हुई, लेकिन इसके बावजूद लोग रैली में शामिल हुए।
राहुल गांधी के भाषण के बाद भी जारी रही राजनीतिक बहस
राहुल गांधी का भाषण समाप्त होने के बाद भी प्रदर्शनकारियों की आवाजाही और मीडिया से बातचीत जारी रही। कई लोगों ने 2029 के चुनाव और राजनीतिक बदलाव को लेकर अपनी उम्मीदें जाहिर कीं। रैली में राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं के समर्थन में नारे लगे। कार्यक्रम ने SIR, मतदाता सूची, चुनाव आयोग की भूमिका और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर जारी राजनीतिक बहस को फिर चर्चा में ला दिया।





