प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने से पैदा हुआ राजनीतिक संकट
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे के पुत्र अमित ठाकरे द्वारा पुणे के एक सरकारी कॉलेज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने के बाद राज्य में राजनीतिक संकट उभर आया है। यह विवाद कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के राजनीतिक समीकरणों पर भी असर डाल रहा है।
भाजपा ने इस कार्रवाई को प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद के प्रति अपमान मानते हुए चेतावनी दी है कि एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना से गठबंधन तोड़ने पर विचार किया जा सकता है।
कॉलेज में हुई घटना का विवरण
अमित ठाकरे ने छात्रों की समस्याओं को सुनने के लिए पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रिंसिपल के केबिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के साथ देखा।
ठाकरे ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वर्तमान राजनीतिक व्यक्तियों की तुलना राष्ट्रीय महापुरुषों से नहीं की जा सकती, जिसके बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने पीएम की तस्वीर हटा दी।
पुलिस की कार्रवाई और अमित ठाकरे का बयान
पुणे की चतुःशृंगी पुलिस ने अमित ठाकरे और 20-25 अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ गैर-कानूनी तरीके से घुसने, दंगा भड़काने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने इस मामले में तीन मनसे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया है।
इस पर अमित ठाकरे ने कहा, "अगर छत्रपति शिवाजी महाराज और बाबासाहेब के सम्मान में मेरे खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, तो मुझे इसका बेहद गर्व है।" कॉलेज प्रशासन ने बाद में प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पीएम की तस्वीर को फिर से दीवार पर लगा दिया।
कल्याण-डोंबिवली में गठबंधन पर असर
पुणे की घटना का प्रभाव ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली के राजनीतिक समीकरणों पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। भाजपा के कल्याण जिलाध्यक्ष नंदू परब ने शिवसेना के जिलाध्यक्ष गोपाल लांडगे को एक औपचारिक पत्र भेजकर मनसे के साथ उनके गठबंधन पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि शिवसेना ने मनसे से दूरी नहीं बनाई, तो वे स्थानीय निकाय में अपना समर्थन वापस ले लेंगे।
विरोध प्रदर्शन और बढ़ते तनाव
इस घटना के विरोध में बीजेपी युवा मोर्चा ने प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके चलते कल्याण-डोंबिवली और मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में मनसे और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भारी बल तैनात किया।
अमित ठाकरे के डोंबिवली दौरे के दौरान किए गए हमले ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया है।





