धरने की शुरुआत
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग पर पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठकर साहिल लोचब के पैलेट गन से घायल होने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उनके साथ सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और घायल युवक साहिल भी मौजूद हैं। राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से यह सवाल किया कि वे न्याय प्रदान करने में क्यों डर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, वह वहां से हटने के लिए तैयार नहीं हैं।
इस धरने के दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत, थाने में आरएएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं।
कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने धरने के स्थल पर पहुंचकर कहा, 'मुझे बताया गया कि राहुल जी यहां आए हैं। वह एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए हम उनका समर्थन करने यहां आए हैं। हम मामले के निपटारे तक यहीं रहेंगे।' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यह संघर्ष महत्वपूर्ण है और उनका समर्थन करना हमारी जिम्मेदारी है।
धरने के दौरान राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एक युवक पर गोली चलाई जा सकती है, लेकिन दिल्ली पुलिस, जो अमित शाह के अधीन है, पैलेट गन के शिकार युवक को न्याय नहीं दे रही है।
संविधान का उल्लंघन
राहुल गांधी ने आगे कहा कि एफआईआर दर्ज न करके संविधान का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि साहिल और अन्य छात्रों के लिए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। साहिल ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका जा रहा है।
उन्होंने कहा, 'पुलिस ने कहा है कि उन्हें ऊपर से आदेश मिले हैं, जिसके कारण एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती।'
साहिल की शिकायत
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, साहिल ने 14 अगस्त को अपने वकीलों के साथ दिल्ली पुलिस को एक लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने जांच अधिकारी (आईओ) नंबर और पावती नहीं दी। इसके बाद, उन्होंने 17 अगस्त को ईमेल और फोन के माध्यम से कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी इस मामले की जानकारी देते हुए लिखा, 'आज मैं साहिल लोचब के साथ उनके साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने संसद मार्ग के डीसीपी कार्यालय पहुंचा। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया जिससे उनकी एक आंख की रोशनी खतरे में है।' उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बर्बरता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।





