राहुल गांधी की गिरफ्तारी
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध प्रदर्शन करते समय कांग्रेस के लोकसभा सांसद राहुल गांधी को जंतर-मंतर के निकट पुलिस ने हिरासत में लिया। इंडिया ब्लॉक के सांसदों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें विरोध स्थल पर पहुंचने से रोका। राहुल गांधी की गिरफ्तारी के दौरान वहां हंगामा मच गया। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में देखा गया कि पुलिसकर्मी उन्हें अपने कंधे पर उठाकर गाड़ी के अंदर धकेल रहे हैं।
न्यूज एजेंसी ANI द्वारा जारी एक वीडियो में ये स्पष्ट है कि जब राहुल गांधी गाड़ी के अंदर बैठने से इनकार कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें मजबूरी में उठा लिया। बावजूद इसके, उन्होंने गाड़ी के दरवाजे पर पैर अड़ाकर रुकने का प्रयास किया, लेकिन अंततः पुलिस उन्हें गाड़ी में बैठाने में सफल हो गई।
प्रियंका गांधी का प्रदर्शन
इस बीच, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी सड़क पर लेट गईं। उन्होंने कहा, "ये लोग चुनाव आयुक्त से मिलने की गुहार लगाने वाले सांसदों के साथ ऐसा बर्ताव करते हैं। हमारे साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया। सांसदों को पीटने का काम किया गया। पुलिस ने मुझे कई जगह खरोंच दिया है। हमें जमीन पर पटक दिया है। अब हम यहां से नहीं हटेंगे। चाहे वे अपने बल वापस बुला लें, मैं यहां से नहीं हटूंगी।"
इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा आयोजित दोपहर के भोज के बाद, इंडिया गठबंधन के सांसद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए निकले। लेकिन पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने उन्हें अशोक रोड पर बैरिकेड लगाकर रोक दिया। ये सांसद चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहते थे।
इससे पहले, मंगलवार को जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन और आगे की रणनीति पर चर्चा की थी, जिसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के सांसद शामिल थे।
समाजवादी पार्टी की अनुपस्थिति
इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं रहा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि दोपहर के भोज का निर्णय मंगलवार रात को लिया गया था, इसलिए कुछ दलों के साथियों का इसमें भाग लेना संभव नहीं हो सका। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "आज के भोज के लिए इंडिया गठबंधन के सभी दलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन इसका फैसला कल देर रात लिया गया।"
खरगे का बयान
भोज के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि 'इंडिया' गठबंधन के सभी सहयोगी दल जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
खरगे ने आरोप लगाया कि "निर्वाचन आयोग के सभी कार्यों के पीछे नरेंद्र मोदी का हाथ है। इसका अर्थ है कि मोदी जी खुद लोकतंत्र को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर जनता को यह बताना चाहते हैं कि उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
राहुल गांधी का वक्तव्य
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के लगभग 300 सांसद निर्वाचन आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें यह अवसर नहीं दिया गया। संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राहुल ने कहा, "करीब 300 सांसद कल निर्वाचन आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन वे हमसे नहीं मिले। दिल्ली पुलिस ने हमें रोका और कहा कि यहां प्रदर्शन नहीं कर सकते।"





