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आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन: चिराग पासवान ने कहा, 'यह खैरात नहीं, अधिकार है'

जंतर-मंतर पर जाति के आधार पर आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन के दौरान चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि यह अधिकार है, खैरात नहीं। उन्होंने सरकार की बातचीत के प्रति सकारात्मकता दिखाई है।

आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन: चिराग पासवान ने कहा, 'यह खैरात नहीं, अधिकार है'
फोटो: आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन: चिराग पासवान ने कहा, 'यह खैरात नहीं, अधिकार है'

आरक्षण को खैरात नहीं मानते हैं चिराग पासवान

जंतर-मंतर पर जाति आधारित आरक्षण के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि आरक्षण किसी खैरात का विषय नहीं है और इसे किसी के कहने पर समाप्त नहीं किया जा सकता। पासवान ने यह भी बताया कि आरक्षण संविधान में दिया गया एक अधिकार है, जिसका उद्देश्य उन वर्गों को आगे लाना है, जिनके खिलाफ भेदभाव हुआ है। उनके अनुसार, समाज में आज भी भेदभाव की घटनाएं मौजूद हैं।


सरकार बातचीत के लिए तैयार

चिराग पासवान ने शनिवार को कहा कि यदि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोग अपनी मांगें व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करेंगे, तो सरकार उनके साथ बातचीत करने के लिए तत्पर है। प्रदर्शनकारियों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर बैनर, पोस्टर और भगवा झंडे के साथ जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ नारे लगाए।


उन्होंने कहा, 'आरक्षण को लेकर किसी भी प्रकार की गलतफहमी समाज में नाराजगी पैदा कर सकती है। जब प्रदर्शनकारी अपनी मांगें उचित तरीके से प्रस्तुत करेंगे, तो सरकार उनकी बात सुनने के लिए तैयार है।'


आर्थिक आधार पर आरक्षण की आवश्यकता

अर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग पर चर्चा करते हुए पासवान ने बताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पहले ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू कर चुकी है। उनकी यह टिप्पणी उन मांगों के संदर्भ में थी, जो प्रदर्शनकारियों द्वारा जाति के बजाय आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने के लिए की जा रही थीं।


उपमुख्यमंत्री का आश्वासन

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को कहा कि जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं की मांगों पर केंद्रीय नेतृत्व गंभीरता से विचार करेगा। उन्होंने हर्ष दुबे के साथ संवाददाता सम्मेलन के दौरान बताया कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मांगों को अगले दो दिनों में केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष पेश किया जाएगा और केंद्रीय मंत्री के साथ उनकी बैठक का आयोजन किया जाएगा।


आरक्षण के खिलाफ असंवैधानिक मांग

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी इस विषय पर अपनी राय रखी, जिसमें उन्होंने कहा कि आरक्षण 'संवैधानिक अधिकार' है और इसे समाप्त करने की मांग को उन्होंने 'असंवैधानिक' करार दिया। आठवले ने कहा कि कुछ लोग आरक्षण खत्म करने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ अन्य इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आरक्षण के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को वहां से हटाया गया था।