चुनाव आयोग के अनुसार, पूरी प्रक्रिया में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा। इस दौरान एक समिति गठित की जाएगी जो पिछले उपराष्ट्रपति चुनावों में आई समस्याओं की समीक्षा करेगी, ताकि इस बार उन्हें दोहराया न जाए। समीक्षा पूरी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू
सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय द्वारा जगदीप धनखड़ के इस्तीफ़े की औपचारिक सूचना दिए जाने के बाद चुनाव आयोग ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं। माना जा रहा है कि अधिसूचना अगले दो से तीन दिनों में जारी की जा सकती है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन, जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया शुरू होगी। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 के तहत, अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव आयोग को पूरी प्रक्रिया अधिकतम 32 दिनों में पूरी करनी होती है। इसमें नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि अधिसूचना के 14 दिन बाद होती है।
जगदीप धनखड़ के इस्तीफ़े के बाद उत्पन्न स्थिति को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 68(2) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि इस्तीफ़े की स्थिति में कोई समय-सीमा तय नहीं है, लेकिन चुनाव "जितनी जल्दी हो सके" कराए जाने चाहिए।
ऐसे में उम्मीद है कि अगस्त 2025 के अंत तक भारत को नया उपराष्ट्रपति मिल जाएगा।





