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पवन खेड़ा की खबर: दिल्ली में छापे और पासपोर्ट विवाद

पवन खेड़ा की खबर: दिल्ली में उनके घर असम पुलिस का छापा मारा गया, पासपोर्ट विवाद ने चुनावी माहौल में सियासी गर्मी और तनाव को भी बढ़ा दिया।

पवन खेड़ा की खबर: दिल्ली में छापे और पासपोर्ट विवाद
फोटो: Pawan Khera raid, Assam Police action
दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव के बीच पवन खेड़ा की खबर ने सियासी हलचल बढ़ा दी है, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के लिए हालात कठिन होते दिख रहे हैं। मंगलवार को असम पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची और कांग्रेस नेता के निज़ामुद्दीन स्थित आवास पर छापा मारा। इस कार्रवाई में दिल्ली पुलिस भी मौजूद रही।

पवन खेड़ा की खबर, पासपोर्ट मामला

यह कार्रवाई, जो अब पवन खेड़ा की खबर का प्रमुख हिस्सा बन गई है, उस शिकायत के आधार पर की गई जो असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां ने दर्ज कराई थी। उन्होंने पवन खेड़ा पर गंभीर आरोप लगाए कि उन्होंने उनके पास UAE, मिस्र और एंटीगुआ व बारबुडा के पासपोर्ट होने और विदेशों में संपत्तियों के बारे में गलत जानकारी फैलायी। इस शिकायत के आधार पर पनबाजार पुलिस स्टेशन, गुवाहाटी में केस नंबर 4/26 दर्ज किया गया। FIR में जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल जैसी धाराएं शामिल हैं।

कांग्रेस-भाजपा का सियासी टकराव

पवन खेड़ा ने कुछ दिन पहले दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाए थे, जिसके बाद असम पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई। उन्होंने कहा कि असम के सीएम की पत्नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं और दुबई में संपत्ति तथा अमेरिका के व्योमिंग में कंपनी हैं। इस बयान के बाद असम और दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई।

सीएम हिमंत सरमा ने कहा कि पवन खेड़ा द्वारा दी गई जानकारी झूठी है और इसमें डिजिटल दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है और दावा किया कि असम सरकार विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है।

पवन की लोकेशन और प्रतिक्रिया 

असम पुलिस के छापे के समय पवन खेड़ा घर पर नहीं थे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, वह चुनाव प्रचार और पार्टी से जुड़े कार्यों में व्यस्त हैं। फिलहाल उनकी लोकेशन स्पष्ट नहीं है, जिससे इस मामले में सस्पेंस बढ़ गया है।

चुनावी पृष्ठभूमि और प्रभाव

यह विवाद असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आया है और राजनीतिक तनाव बढ़ा रहा है। पवन खेड़ा के आरोप और पुलिस कार्रवाई दोनों ने चुनावी परिदृश्य में नई हलचल पैदा की है। कांग्रेस और भाजपा के बीच यह मामला सियासी बहस और प्रचार का हिस्सा बन गया है।

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