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लोकसभा में ओवैसी का सरकार पर हमला, युवाओं की नौकरी पर सवाल

लोकसभा में ओवैसी: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

लोकसभा में ओवैसी का सरकार पर हमला, युवाओं की नौकरी पर सवाल
फोटो: Owaisi in Lok Sabha

लोकसभा में ओवैसी का सरकार पर तीखा हमला

लोकसभा में ओवैसी: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि वह युवाओं से दूर रहकर शासन चलाना चाहती है, तो उसे परिणामों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर आपकी गलत नीतियों के कारण जो घटनाएं पड़ोसी देश में हुईं, वही यहां पर ना हो जाएं, तो सावधान रहिए।'


ओवैसी ने 2024 में नीट परीक्षा के दौरान पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन हुआ था, लेकिन उसकी रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने बिल में एक महत्वपूर्ण बिंदु की कमी पर भी चिंता जताई और सुझाव दिया कि इसमें यह लिखा जाना चाहिए कि जब भी पेपर लीक होगा तो छात्रों पर लाठीचार्ज होगा।


युवाओं की स्थिति पर चिंता

ओवैसी ने युवाओं की मौजूदा स्थिति पर अफसोस जताते हुए कहा कि आज के युवा नौकरी की उम्मीदें खो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा सरकार केवल दो प्रकार की नौकरियां प्रदान कर सकती है - 'या तो पकौड़े बनाओ या गौ रक्षा सेना का हिस्सा बनो।' उन्होंने यह भी कहा, 'मैं उन युवाओं के साथ खड़ा हूं जिनकी जिंदगियां पेपर लीक के कारण प्रभावित हुई हैं। क्या कानून में बदलाव या सेल्फी वीडियो बनाने से आत्महत्या करने वाले छात्रों की जिंदगी वापस आ जाएगी?'


लोकसभा में ओवैसी: उन्होंने सरकार के नए कानून को चुनौती देते हुए कहा कि यह युवाओं को संज्ञान दिला रहा है कि यदि वे सड़क पर आकर विरोध करेंगे, तो सरकार डर जाएगी। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि यदि लोग प्रदर्शन में विश्वास करने लगेंगे, तो संसद में उनकी आवाज नहीं सुनी जाएगी।


शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर ओवैसी की प्रतिक्रिया

ओवैसी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे न्याय की जीत करार दिया। उन्होंने कहा, 'यह उन युवाओं की जीत है जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है।' ओवैसी ने कहा कि शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र युवाओं के संघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।


लोकसभा में ओवैसी: उन्होंने आगे कहा, 'यह कामयाबी उन नौजवानों की मेहनत और बलिदान की जीत है।' एक सवाल के जवाब में ओवैसी ने यह भी कहा कि यदि नरेंद्र मोदी की सरकार यह समझती है कि वह कुछ भी कर सकती है, तो इस आंदोलन ने यह संदेश दे दिया है कि अब तानाशाही नहीं चलेगी। लोकतंत्र को चलाने के लिए संविधान के दायरे में रहकर चलना होगा।


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