युवाओं से संवाद का नया प्रयास
नरेंद्र मोदी सरकार ने युवा पीढ़ी 'जेन-जी' से सीधे जुड़ने के लिए एक नई पहल शुरू करने की योजना बनाई है, जिसमें हर दिन एक केंद्रीय मंत्री एक विश्वविद्यालय का दौरा करेगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं के साथ संवाद स्थापित करना, उनकी समस्याओं पर चर्चा करना और देश के समक्ष उपस्थित विभिन्न मुद्दों पर उनकी राय जानना है। यह जानकारी सूत्रों ने बुधवार को साझा की।
यह पहल हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर तथा अन्य स्थानों पर नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर छात्रों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में आई है।
कार्यक्रम की रूपरेखा
सूत्रों के अनुसार, 'एक दिन, एक विश्वविद्यालय' कार्यक्रम के तहत एक केंद्रीय मंत्री को विशेष रूप से एक विश्वविद्यालय का दौरा करने का दायित्व सौंपा जाएगा। इस दौरान मंत्री छात्रों से संवाद करेंगे, उनके विचार सुनेंगे और युवाओं तथा छात्रों के लिए लागू की जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करेंगे।
इस कार्यक्रम के संचालन के लिए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि ये दौरे सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।
मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्तावित कार्यक्रम पर चर्चा भी की गई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अनुसार, देश में लगभग 1,300 विश्वविद्यालय हैं, जिसमें 57 केंद्रीय और 522 राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं, जबकि शेष विश्वविद्यालय डीम्ड या निजी श्रेणी में आते हैं।





