मल्लिकार्जुन खरगे का आरोप: "चुनाव आयोग BJP का बैक‑ऑफिस?"
मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने वोट चोरी को निष्पक्ष तरीके से उजागर करने के बजाय महत्वपूर्ण आंकड़े छिपाए, जिससे दोषियों को सुरक्षा मिली। उन्होंने एक समाचार रिपोर्ट को 'एक्स' पर साझा करते हुए बताया कि 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में फॉर्म‑7 में जालसाजी कर मतदाताओं को हटाने की जाँच ठंडे बस्ते में चली गई, क्योंकि आयोग ने आवश्यक डेटा साझा नहीं किया ।
खरगे ने सवाल उठाया, क्या चुनाव आयोग अब वोट चोरी के लिए भाजपा का बैक‑ऑफिस बन गया है? उन्होंने यह कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए मामले की जांच और तथ्यों को सार्वजनिक करना समय की आवश्यकता है ।
मल्लिकार्जुन खरगे की राय और मीडिया में प्रतिक्रिया
मल्लिकार्जुन खरगे पिछले दिनों “वोट अधिकार रैली” में भी चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग वोट चोरी के आरोपों के बजाय हलफनामा के पीछे छिपने की कोशिश कर रहा है—जिससे आरोपों की जाँच टल रही है ।
इससे पहले भी मल्लिकार्जुन खरगे ने 2019 के लोकसभा चुनावों में अपनी हार का कारण वोट चोरी बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी के चलते उन्हें वोट नहीं मिले और स्थिति उनके खिलाफ गई ।





