कोर्ट ने याचिका को अस्वीकार किया
मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा प्रस्तुत रिट याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में स्टालिन ने कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में वीवीपैट की पर्चियों की पुनर्गणना कराने की मांग की थी। मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की और स्टालिन की याचिका को विचार योग्य नहीं माना।
अदालत ने सोमवार को मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था। स्टालिन ने अपनी याचिका में तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के विधायक वीएस बाबू के चुनाव को रद्द कर खुद को विजयी घोषित करने की मांग की थी।
निर्वाचन आयोग के तर्क
सुनवाई के दौरान, चुनाव आयोग की ओर से जी. राजागोपालन और दामा शेषाद्रि नायडू ने तर्क दिया कि संविधान के अनुच्छेद 329(b) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 80 के अनुसार चुनाव परिणामों को केवल चुनाव याचिका के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। आयोग ने कहा कि रिट याचिका द्वारा चुनाव परिणामों की रद्दीकरण की अनुमति देने से न्यायिक और चुनावी प्रक्रियाओं में अव्यवस्था उत्पन्न होगी।
स्टालिन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखते हुए कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट के अप्रैल 2024 के फैसले के तहत आता है, जिसमें चुनाव में दूसरे या तीसरे स्थान पर रहे उम्मीदवारों को 5 प्रतिशत ईवीएम की जांच कराने का अधिकार दिया गया है।
सिब्बल की दलीलें और कोर्ट का निर्णय
सिब्बल ने यह भी बताया कि नियमानुसार परिणाम घोषित होने के सात दिनों के भीतर सत्यापन का आवेदन देना होता है, जिसे स्टालिन ने तीन दिनों के भीतर, यानी 7 मई को ही दायर कर दिया था। निर्वाचन आयोग ने 45 दिनों की चुनाव याचिका दायर करने की समय सीमा समाप्त होने के बाद 29 जुलाई से 5 अगस्त के बीच 14 ईवीएम का सत्यापन किया। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
एक पोलिंग स्टेशन की बैलेट यूनिट ने स्टालिन का नाम प्रदर्शित नहीं किया, और वीवीपीएटी और कंट्रोल यूनिट के बीच डेटा सिग्नलों में विसंगति पाई गई। सिब्बल ने तर्क दिया कि निर्वाचन आयोग की देरी के कारण स्टालिन को बिना किसी कानूनी विकल्प के नहीं छोड़ा जा सकता, इसलिए रिट याचिका एकमात्र विकल्प थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने आयोग के संवैधानिक तर्कों को स्वीकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
चुनावी परिणामों का संक्षिप्त विवरण
गौरतलब है कि मई में घोषित चुनाव परिणामों में टीवीके के उम्मीदवार वी.एस. बाबू ने 82,997 वोट प्राप्त किए थे, जबकि स्टालिन को 74,202 वोट मिले थे, जिससे उन्हें 8,795 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।





