खलीलुर रहमान की भारत यात्रा
खलीलुर रहमान की भारत यात्रा के दौरान, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा संभावना है कि वह वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी बातचीत करेंगे। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल करने और संपर्क बढ़ाने के मकसद से आयोजित किया गया है।
मुख्य एजेंडा में शामिल हैं:
सुरक्षा सहयोग और सीमा प्रबंधन
ऊर्जा आपूर्ति, खासकर डीजल की निरंतर आपूर्ति
कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स और BBIN क्षेत्र में विकास साझेदारी
जल बंटवारे और गंगा जल संधि (1996) का नवीनीकरण, जिसकी मियाद दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है
भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार
खलीलुर रहमान का यह दौरा उस दौर का प्रतीक है जब बांग्लादेश भारत संबंधों को नई दिशा देने की जरूरत थी। 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों और शेख हसीना की सत्ता से हटने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।
इस दौरे को “रीसेट” के रूप में देखा जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत किया जा सके। भारत खासतौर पर उत्तर-पूर्वी भारत से जुड़े प्रोजेक्ट्स और अपनी एक्ट ईस्ट पॉलिसी को आगे बढ़ाना चाहता है, जबकि बांग्लादेश की प्राथमिकता सीमा पर तनाव कम करना, बीएसएफ फायरिंग के मामलों में संयम और तिस्ता नदी जल बंटवारे पर सहमति बनाना है।
ऊर्जा सहयोग और डीजल आपूर्ति
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण बांग्लादेश ने भारत से डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संपर्क किया है। भारत ने अप्रैल महीने में बांग्लादेश को अतिरिक्त 40,000 टन डीजल की आपूर्ति की पेशकश की है, जिससे क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अगले कदम
खलीलुर रहमान का भारत दौरा 9 अप्रैल को समाप्त होगा, इसके बाद वह मॉरीशस में आयोजित हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लेने जाएंगे। इस दौरे को दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Read This Also:- LPG सप्लाई में राहत: प्रवासी श्रमिकों के लिए अलॉटमेंट बढ़ा





