बी बी गोपाकुमार की चुनौती
चथन्नूर विधानसभा क्षेत्र की स्थापना 1965 में हुई थी और यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से वामपंथी समर्थन वाला माना जाता रहा है, लेकिन अब बी बी गोपाकुमार की चुनौती ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। अब तक हुए 15 चुनावों में से 12 बार LDF की जीत हुई है। शुरुआती दौर में CPI के दिग्गज नेताओं जैसे पी. रविंद्रन, जे. चित्तरंजन और एन. अनिरुद्धन का प्रभाव रहा।
हालांकि UDF को समय-समय पर कुछ सफलता मिली, विशेषकर कांग्रेस के सीवी पद्मराजन और जी प्रतापवर्मा थंपन के नेतृत्व में। लेकिन उनकी जीत के बाद भी वामपंथियों की वापसी अक्सर देखने को मिली और हाल के वर्षों में यह सीट जी एस जयलाल सीपीआई चथन्नूर विधायक के कब्जे में रही।
पिछले चुनावों में बीजेपी की प्रगति
2016 में BJP उम्मीदवार बीबी गोपाकुमार को CPI के जीएस जयलाल ने 34,407 वोटों से हराया था। लेकिन 2021 के चुनाव में बीजेपी ने काफी मजबूती दिखाई। जयलाल ने जीत तो हासिल की, लेकिन अंतर घटकर 17,206 वोट तक सीमित रह गया।
2021 के परिणामों के अनुसार, जयलाल को 59,296 वोट मिले (43.21%), जबकि बीबी गोपाकुमार को 42,090 वोट (30.61%) मिले। तीसरे स्थान पर कांग्रेस उम्मीदवार एन. पीतांबरकुरुप रहे, जिन्हें 34,280 वोट (24.93%) मिले। यह आंकड़े बताते हैं कि बीजेपी ने इस सीट पर अपना वोट शेयर बढ़ाकर LDF को चुनौती देना शुरू कर दिया है।
2026 में मुकाबला और बीजेपी की रणनीति
इस बार भी बीजेपी ने बीबी गोपाकुमार को उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला CPI के आर. राजेंद्रन और कांग्रेस के सूरज रवि से होगा। पार्टी के लिए यह सिर्फ सीट जीतने का सवाल नहीं है, बल्कि राज्य में अपनी पैठ मजबूत करने का भी अवसर है।
बीजेपी की बढ़ती पकड़ का संकेत इसी से मिलता है कि पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में चथन्नूर में विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने पार्टी के फोकस और इस सीट की रणनीतिक अहमियत पर जोर दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर बीजेपी इस बार जीत हासिल कर लेती है, तो यह LDF के मजबूत किले में सेंध लगाने के बराबर होगा और दक्षिण के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव ला सकता है।
चथन्नूर विधानसभा सीट 2026 में राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। पिछले चुनावों में लगातार दूसरे स्थान पर रहने वाली बीजेपी इस बार जीत की पूरी कोशिश कर रही है। LDF की पारंपरिक पकड़ और UDF की चुनौती के बीच, यह सीट किसी भी दल के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
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