अनंत सिंह का निष्कासन
बिहार में एनडीए सरकार के महत्वपूर्ण घटक लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जनता दल (यूनाइटेड) द्वारा बाहुबली विधायक अनंत सिंह को निष्कासित करने के निर्णय को राजनीतिक मानने से इंकार किया है। उन्होंने इसे व्यक्तिगत कारणों से लिया गया कदम बताया। शनिवार को पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, 'यह जदयू का आंतरिक मामला है और यह कार्रवाई व्यक्तिगत कारणों से हुई है, न कि राजनीतिक परिस्थितियों के चलते।'
पार्टी के बिहार इकाई अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के द्वारा जारी एक बयान में यह उल्लेख किया गया कि अनंत सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है। बयान में कहा गया कि अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
विधान परिषद चुनाव में बगावत
अनंत सिंह पर आरोप है कि उन्होंने हाल ही में हुए बिहार विधान परिषद चुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए प्रचार किया, जिससे उन्होंने जदयू के खिलाफ बगावत का संकेत दिया। अनंत सिंह ने विधान परिषद चुनाव में जदयू के उम्मीदवार नीरज कुमार को हराने का संकल्प लिया था। इस कारण जदयू ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से उनके खिलाफ संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत कार्रवाई करने की सिफारिश भी की है।
इस बगावत के चलते अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद बढ़ गया था। जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने स्थिति को सामान्य करने के लिए बातचीत की पेशकश की थी।
बातचीत का असफल प्रयास
ललन सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से चर्चा करने के बाद अनंत सिंह से संपर्क किया और उन्हें पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ बयानबाजी और प्रचार से दूर रहने की सलाह दी। 5 अक्टूबर को उन्होंने कहा कि उनकी अनंत सिंह से बातचीत हो गई है और वह जदयू के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ बयान नहीं देंगे।
हालांकि, इस बातचीत के बावजूद अनंत सिंह ने नीरज कुमार के पक्ष में प्रचार जारी रखा। इसके बाद वे जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में फिर से सक्रिय हो गए।





