Molitics Logo
होम राष्ट्रीय जयंत चौधरी का अखिलेश यादव के बयान पर कड़ा जवाब, कहा- जाट समुदाय का अपमान
राष्ट्रीय

जयंत चौधरी का अखिलेश यादव के बयान पर कड़ा जवाब, कहा- जाट समुदाय का अपमान

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'चवन्नी' वाले बयान पर जयंत चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह का राजनीतिक अहंकार केवल पतन की ओर ले जाता है।

जयंत चौधरी का अखिलेश यादव के बयान पर कड़ा जवाब, कहा- जाट समुदाय का अपमान
फोटो: जयंत चौधरी का अखिलेश यादव के बयान पर कड़ा जवाब, कहा- जाट समुदाय का अपमान

चवन्नी बयान पर जयंत चौधरी की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'चवन्नी को रुपया बना दिया' वाले बयान पर राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के प्रमुख जयंत चौधरी ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है। जयंत चौधरी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अखिलेश यादव को चेतावनी दी कि इस प्रकार का राजनीतिक अहंकार अंततः पतन का कारण बनता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि अखिलेश को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में घटिया शब्दों का प्रयोग करना था, तो उन्हें सीधे उनका नाम लेकर हमला करना चाहिए था।


चौधरी ने सीधे तौर पर यह सवाल उठाया कि जाट समुदाय को निशाना बनाना और 'ABCD हमने सिखाई' जैसी बातें करना पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा, "सियासत की लड़ाई में यदि सस्ते शब्दों का प्रयोग करना ही था तो मेरा नाम लेकर बोल देते, कोई बात नहीं थी... जाट समाज को टारगेट करना और कहना ABCD हमने सिखाई? यह अहंकार मैं करीब से देख चुका हूं और मानता हूं कि ऐसा आचरण केवल पतन लाता है।"


राजभर का बयान और जाट समुदाय का अपमान

इस विवाद पर ओम प्रकाश राजभर ने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव ने निश्चित रूप से जाट समुदाय का अपमान किया है। जाट समुदाय ने ही मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बनाया था, और अब वे उसी समुदाय के खिलाफ बातें कर रहे हैं। उन्हें अपने पिता का इतिहास पढ़ना चाहिए। यदि किसी ने उनके पिता को नेता बनाने में मदद की, तो वे चौधरी चरण सिंह थे, और अब वे उसी समुदाय पर उंगली उठा रहे हैं। उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे।"


राजभर ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और वे खुद नहीं समझ पा रहे हैं कि वे किससे और कब क्या कह रहे हैं।


अखिलेश यादव का विवादास्पद बयान

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अखिलेश यादव ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बिना किसी का नाम लिए टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "हम लोगों ने चवन्नी को रुपया बना दिया, फिर भी छोड़कर चले गए।" इस बयान को जनवरी 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, जब दोनों दल गठबंधन में थे। उस समय जयंत चौधरी ने भाजपा के साथ जाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा था, "मैं कोई चवन्नी हूं जो पलट जाऊंगा?"


वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा और आरएलडी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले आरएलडी ने सपा से अपना नाता तोड़कर भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो गई। इसके बाद, जयंत चौधरी को मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री बनाया गया।


राजनीतिक प्रभाव और मायावती की प्रतिक्रिया

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय एक महत्वपूर्ण राजनीतिक वर्ग माना जाता है। आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस बयानबाजी ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इस मुद्दे पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती ने भी अखिलेश यादव के बयान की निंदा की है। उन्होंने इसे जाट समाज और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विरासत का अपमान बताते हुए उनसे माफी की मांग की है।