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जयशंकर की राजनयिक वार्ता: इज़राइल और ऑस्ट्रेलिया से की बात

भारत मध्य पूर्व की स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है; जयशंकर की राजनयिक चर्चा में इज़राइल और ऑस्ट्रेलिया के साथ सुरक्षा व ऊर्जा मुद्दों पर बात हुई।

जयशंकर की राजनयिक वार्ता: इज़राइल और ऑस्ट्रेलिया से की बात
फोटो: Jaishankar Diplomatic Talks, Israel Australia Discussion
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मध्य पूर्व में हालात को लेकर लगातार कड़ी नजर बनाए रखी है और जयशंकर की राजनयिक वार्ता में उन्होंने इस क्षेत्र में जारी तनाव, ईरान के पोर्ट्स पर अमेरिकी नाकाबंदी और होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम मुद्दों पर अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से चर्चा की।

जयशंकर की राजनयिक वार्ता

जयशंकर की राजनयिक वार्ता में इज़राइली विदेश मंत्री गिदोन सार से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया की सुरक्षा, ईरान की गतिविधियों और होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से नौवहन की आजादी जैसे अहम मुद्दों पर विचार साझा किए। 

इज़राइल ऑस्ट्रेलिया चर्चा और पश्चिम एशिया संकट के बीच सार ने इस दौरान कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से नेविगेशन की स्वतंत्रता को बाधित करने वाले ईरानी कदमों पर कड़े अंतरराष्ट्रीय उपाय की आवश्यकता है। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने सार के साथ वेस्ट एशिया के हालात के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की।

ऑस्ट्रेलिया के साथ भी चर्चा

समान रूप से, जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग से भी टेलीफोन पर बातचीत की। इस वार्ता का केंद्र बिंदु ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच संभावित टकराव से उत्पन्न स्थिति था। दोनों देशों ने इस संकटपूर्ण क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में साझा प्रयासों पर जोर दिया।

नाकाबंदी से भारत की चिंता 

ईरान ने भारत के लिए होर्मुज स्ट्रेट का मार्ग आंशिक रूप से खोल रखा है। लेकिन ईरान के पोर्ट्स पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी से भारत के लिए महत्वपूर्ण पास पहुंचने में जोखिम बढ़ गया है। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के बाहर भी ब्लॉकेड लगाने का आदेश दिया है, जिससे ईरान की अनुमति से आने वाले जहाजों पर खतरा मंडराने लगा है।

वैश्विक तेल, गैस पर असर

होर्मुज स्ट्रेट की रोक के चलते ग्लोबल तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं, क्योंकि इस मार्ग से विश्व व्यापार में तेल और LNG का लगभग 20% ट्रांजिट होता है। इस पर भारत की सतर्कता बढ़ गई है, क्योंकि यह उसके ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक हितों से जुड़ा हुआ है।

भारत की सक्रिय भूमिका 

जयशंकर की ये चर्चाएं अंतरराष्ट्रीय समुदाय में मध्य पूर्व की स्थिति पर भारत की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती हैं। इज़राइल और ऑस्ट्रेलिया से विचार साझा करने के बाद भारत ने स्थिति का संतुलित मूल्यांकन करने और शांति प्रयासों में भूमिका निभाने का संकेत दिया है।

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