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संसद की समिति में छात्रों के मुद्दे पर गरमाई बहस, भाजपा और कांग्रेस में तीखी नोकझोंक

संसद की स्थायी समिति की बैठक में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच तेज बहस हुई। कांग्रेस ने बच्चों के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर चर्चा की मांग की, जबकि भाजपा ने इसे खारिज किया।

संसद की समिति में छात्रों के मुद्दे पर गरमाई बहस, भाजपा और कांग्रेस में तीखी नोकझोंक
फोटो: संसद की समिति में छात्रों के मुद्दे पर गरमाई बहस, भाजपा और कांग्रेस में तीखी नोकझोंक

संसद की बैठक में तीखी बहस

मंगलवार को संसद की एक समिति की बैठक में प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच गरमा-गरम बहस हुई। विपक्षी सदस्यों ने इस विषय पर चर्चा करने की मांग की, जो गृह मामलों से संबंधित स्थायी समिति की बैठक में उठाया गया। बैठक में 'बच्चों के खिलाफ अपराध' विषय पर विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों के विचार सुनने का एजेंडा था।


बैठक की शुरुआत में कांग्रेस सांसद अजय माकन ने प्रदर्शनकारी बच्चों पर बल प्रयोग के मुद्दे को उठाने का अनुरोध किया, लेकिन समिति के अध्यक्ष राधा मोहन दास अग्रवाल ने उनकी इस मांग को अस्वीकृत कर दिया। अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व निर्धारित एजेंडे के अनुसार ही चर्चा होनी चाहिए।


विपक्ष की मांग और अध्यक्ष का उत्तर

अध्यक्ष ने विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए कहा कि बैठक में विचाराधीन मामलों पर चर्चा नहीं की जा सकती, क्योंकि इस विषय को उच्चतम न्यायालय द्वारा देखा जा रहा है। इस पर माकन और अन्य सदस्यों ने कहा कि यह मामला बच्चों के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए इस पर बातचीत आवश्यक है।


माकन ने प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं के विरुद्ध बल प्रयोग के मामले को उठाया, जिसमें पैलेट गन, कील लगे डंडों और लाठियों का इस्तेमाल किया गया। उनकी आवाज को समर्थन देने के लिए कई अन्य विपक्षी सदस्यों ने भी अपनी बात रखी।


भाजपा और कांग्रेस के बीच घमासान

बैठक के दौरान भाजपा सदस्य तरुण चुग और कांग्रेस के जय प्रकाश के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई। चुग ने सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाया, जिस पर जय प्रकाश ने भाजपा शासन के दौरान हरियाणा में हुए कथित अत्याचारों का जिक्र किया।


माकन ने जोर देकर कहा कि प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर पुलिस द्वारा किए गए अत्याचारों पर चर्चा होना चाहिए, लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि समिति बाद में मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) पर चर्चा करेगी। उनके इस निर्णय के बाद विपक्षी सदस्यों ने सहमति व्यक्त की और बैठक में तनाव कम हुआ।


बैठक का कार्यविभाजन

बैठक में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों को 'बच्चों के खिलाफ अपराध' विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया था। इस प्रकार, समिति ने विभिन्न मंत्रालयों से जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया।


यह बैठक लगभग एक घंटे तक चली, जिसमें विपक्ष के कई सदस्यों ने बच्चों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के मामले में गहरी चिंता व्यक्त की।