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फारूक अब्दुल्ला का बड़ा दावा: कश्मीरी पंडितों को धमकी देने की साजिश

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियों को एक साजिश का हिस्सा बताया है, जबकि भाजपा ने उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

फारूक अब्दुल्ला का बड़ा दावा: कश्मीरी पंडितों को धमकी देने की साजिश
फोटो: फारूक अब्दुल्ला का बड़ा दावा: कश्मीरी पंडितों को धमकी देने की साजिश

धमकियों का आरोप और साजिश के दावे

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने हाल ही में घाटी में कश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियों को जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा न देने की 'साजिश' करार दिया है। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व वाले प्रशासन पर इन धमकियों के लिए जिम्मेदार ठहराया। अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे समय आया है जब कश्मीरी पंडित कर्मचारी और उनके परिवार हालिया धमकी भरे पत्रों से भयभीत हैं। विस्थापित कश्मीरी पंडित समुदाय और भारतीय जनता पार्टी ने उनके इस बयान की कड़ी निंदा की है।


अब्दुल्ला ने अनंतनाग में मीडिया से बातचीत करते हुए सवाल उठाया कि धमकियां देने वाले कौन हैं? उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित यहां शायद ही रहते हैं, और यहां तैनात सभी बड़े अधिकारी बाहरी हिंदू हैं। उन्होंने कहा कि अगर हिंदुओं को धमकाया जा रहा है, तो उन्हें धमकियों का सामना क्यों नहीं करना पड़ रहा है?


राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग

तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि ये धमकियां जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा न देने की एक साजिश हैं। उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मांग की कि वे इस मामले में स्पष्टीकरण दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन इन धमकियों को जारी करने के लिए जिम्मेदार है और उनसे पूछा जाना चाहिए कि ये धमकियां कहां से आ रही हैं।


इससे पहले, श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विरोध-प्रदर्शन के संदर्भ में बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर कठिन दौर से गुजर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर वादों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले परिसीमन होगा, फिर चुनाव होंगे, और उसके बाद राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।


केंद्र सरकार से सवाल

अब्दुल्ला ने इस संदर्भ में पूछा कि हमारे सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, जिन्होंने आश्वासन दिया था कि यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा, "यह जनवरी की बात है, और अब सितंबर आ चुका है। उस वादे का क्या हुआ?"


उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के लोग, जिन्होंने भाजपा को अनुच्छेद 370 हटाने में मदद की, आज लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि हमारे दुश्मन हमारे बीच ही मौजूद हैं, और वही लोग जम्मू-कश्मीर का पूरा नक्शा बदलने में सक्रिय रहे हैं।


भाजपा का विरोध

भाजपा ने फारूक अब्दुल्ला के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने उनके बयान को 'चौंकाने वाला' और 'हास्यास्पद' करार दिया। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को नकारते हुए, साजिश के सिद्धांत गढ़कर उनके दर्द को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।