देशभर में विपक्ष लगातार वोट चोरी का आरोप लगा रहा है, गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर यह आरोप लगाया। अब कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनसे मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोपों पर शपथ पत्र (हलफनामा) मांगा है। चुनाव आयोग ने उनसे यह भी कहा है कि वे शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के लिए निर्धारित समय का पालन करें।
राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि कर्नाटक में बड़े पैमाने पर अपात्र मतदाताओं को जोड़ा गया है और कई पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि यदि इन आरोपों में तथ्य हैं तो राहुल गांधी को नाम, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर सहित स्पष्ट विवरण के साथ शपथ पत्र जमा करना होगा।
चुनाव आयोग का पक्ष: पारदर्शिता से तैयार हुई मतदाता सूची
सीईओ कार्यालय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का निर्माण जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, मतदाता पंजीकरण नियम, 1960, और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पारदर्शी तरीके से किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि नवंबर 2024 में ड्राफ्ट मतदाता सूची और जनवरी 2025 में अंतिम सूची कांग्रेस को साझा की गई थी, लेकिन तब तक किसी प्रकार की आपत्ति या शिकायत नहीं की गई।
पत्र में यह भी कहा गया कि चुनाव परिणामों को चुनौती देने का एकमात्र कानूनी तरीका उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दायर करना है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने लगातार चुनाव आयोग पर “वोट चोरी” के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके जवाब में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उनके बयानों को भ्रामक, तथ्यहीन और धमकी भरे बताया है।





