भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया
छापेमारी के कुछ ही देर बाद, भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए इसकी पुष्टि की। उन्होंने लिखा, “आज छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। मैं तमनार क्षेत्र में अडानी समूह की कंपनी के लिए हो रही वृक्षों की कटाई का मुद्दा विधानसभा में उठाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही ED की टीम मेरे घर पहुंच गई।”
बघेल ने अप्रत्यक्ष रूप से केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।
भूपेश बघेल के बेटे पर भी कार्रवाई
इस मामले में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल का भी नाम शामिल है। मार्च 2025 में प्रवर्तन निदेशालय ने उनसे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से 30 लाख रुपये नकद, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए गए थे।
ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल को इस कथित घोटाले से करोड़ों रुपये प्राप्त हुए। एजेंसी का दावा है कि उन्होंने आबकारी विभाग के अधिकारियों और अन्य राजनीतिक रसूखदारों के साथ मिलकर नकली होलोग्राम और बोतलों के ज़रिए सरकारी शराब दुकानों से अवैध मुनाफा कमाया, जिससे राज्य को बड़ा राजस्व घाटा हुआ।
चैतन्य बघेल के करीबी माने जाने वाले लक्ष्मीनारायण बंसल और पप्पू बंसल से जुड़े परिसरों पर भी ED तलाशी ले चुकी है। एजेंसी का कहना है कि ये सभी लोग एक समानांतर शराब आपूर्ति तंत्र चला रहे थे, जो सरकारी व्यवस्था के समानांतर चलता था और उससे जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे। ED की इस करवाई के बाद कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि ED, CBI और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियां विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं।





