टीवीके और कांग्रेस के बीच घमासान
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ 'तमिलगा वेट्री कजगम' (TVK) और कांग्रेस के बीच 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया है। टीवीके की विधायक कनिमोझी संतोष ने यह बयान देकर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है कि थलापति विजय देश के अगले प्रधानमंत्री के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी स्वयं विजय का हाथ पकड़कर उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बिठाएंगे।
कनिमोझी के इस बयान ने गठबंधन में खींचतान को और बढ़ा दिया है, जिससे राजनीतिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
कनिमोझी का आत्मविश्वास
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कनिमोझी ने अपने दावे को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, "2025 में जो कहा वह 2026 में हुआ, अब 2029 की बारी है।"
कांग्रेस की गठबंधन को तोड़ने की धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, "2029 में कौन अंदर रहेगा और कौन बाहर, यह वक्त बताएगा। राहुल गांधी ने ही विजय को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनाया। अब वे ही विजय का हाथ थामकर उन्हें प्रधानमंत्री बनाएंगे।"
पोस्टरों से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद तब उभरा जब थूथुकुडी में विजय के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए, जिन पर उन्हें 'कल का प्रधानमंत्री' बताया गया। यह पोस्टर टीवीके में शामिल हुए नेता सुधाकर द्वारा लगाए गए थे।
टीवीके के वरिष्ठ नेता के.ए. सेंगोट्टैयन और पीडब्ल्यूडी मंत्री आधव अर्जुना ने इस मांग का समर्थन किया। सेंगोट्टैयन ने कहा, "उत्तर भारत के लोग भी विजय की ओर देख रहे हैं। पूरे देश पर राज करने की क्षमता केवल उन्हीं में है।"
कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया
कांग्रेस इस घटनाक्रम से काफी असंतुष्ट है। तमिलनाडु सरकार में टीवीके के पास 107 और कांग्रेस के पास 5 विधायक हैं, जिनमें से दो मंत्री भी हैं।
तमिलनाडु के पर्यटन मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता एस. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि टीवीके 2029 के लिए राहुल गांधी का समर्थन नहीं करती है, तो कांग्रेस के दोनों मंत्री तत्काल मंत्रिमंडल से इस्तीफा देंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी. माणिक्यम टैगोर ने कहा कि टीवीके के नेता अपनी 'फैन-क्लब मानसिकता' से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्ष के नेता और AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने इस विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विजय अमेरिका के राष्ट्रपति भी बन सकते हैं, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि सरकार चलाने के लिए केवल सोशल मीडिया या प्रचार के सहारे काम नहीं चलेगा।
टीवीके 2026 में तमिलनाडु की सत्ता हासिल करने के बाद अब 2029 की राष्ट्रीय राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस के साथ हुआ यह टकराव राज्य के राजनीतिक माहौल को और गरमा देता है।





