भारत में प्रदर्शन के बाद लंदन पहुंचे ध्रुव राठी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन में भाग लेने के लिए भारत आए यूट्यूबर ध्रुव राठी अब लंदन पहुंच चुके हैं। उन्होंने 9 अक्टूबर को जर्मनी से भारत की यात्रा की और अगले दिन उन्हें गुरुग्राम में हिरासत में लिया गया। हालांकि, रात को उन्हें रिहा कर दिया गया। लंदन पहुंचने के बाद, राठी ने वहां भी प्रदर्शन का ऐलान करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, 'अब इंटरनेशनल डंका बजने का समय आ गया है।'
भारत में राठी की मुसीबतें बढ़ीं
भारत में कदम रखने के बाद से ध्रुव राठी की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही थीं। पहले उन पर आरोप लगाया गया कि उनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है, जिसके जवाब में उन्होंने अपना पासपोर्ट दिखाया। इसके बाद, 2018 के मानहानि मामले में दिल्ली की एक अदालत ने उनके खिलाफ समन जारी किया।
अदालत ने कहा कि राठी पिछले सात वर्षों से ऑस्ट्रिया में निवास कर रहे हैं और दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए भारत आए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के सदस्य विकास पांडे द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की, जिसमें राठी के खिलाफ नया समन जारी करने का अनुरोध किया गया था।
लंदन में भी विरोध की लहर
भारत में ध्रुव राठी के प्रदर्शनों का प्रभाव लंदन में भी देखने को मिल रहा है। यहां भारतीय उच्चायोग के सामने एनएसयूआई के समर्थकों ने एक प्रदर्शन किया, जिसके बाद मोदी सरकार के समर्थकों ने भी जवाबी प्रदर्शन किया। दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई।
अब ध्रुव राठी संसद चौक में महात्मा गांधी की मूर्ति के पास प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने 18 अक्टूबर को लोगों को इकट्ठा होने के लिए आमंत्रित किया है, जिससे यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।





