मंत्रालय के अनुसार, केवल 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ही नियमित या बीच-बीच में प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जो पर्याप्त नहीं है। जबकि LPG अफवाहों से पैनिक खरीद की बढ़ती खबरें रोकने के लिए सभी राज्यों को अब रोजाना वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर प्रेस ब्रीफिंग करने और सोशल मीडिया व अन्य मीडिया माध्यमों के जरिए सही जानकारी समय पर जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
LPG अफवाहों से पैनिक खरीद की खबरें
केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती से कार्रवाई करें। इसके लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप भी जरूरी है। ताकि भारत में LPG गैस से जुड़ी अफवाहें फैलने से पहले नियंत्रण पाया जा सके और आम जनता को भरोसा दिलाया जा सके कि एलपीजी की आपूर्ति पर्याप्त है और यह सुचारू रूप से लोगों तक पहुंच रही है।
संकट को अवसर में बदलने की रणनीति
हाल ही में भारत ने ईरान और अन्य वैश्विक घटनाओं के कारण उत्पन्न एलपीजी संकट का लाभ उठाकर अपनी स्थानीय वितरण व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया है। इसके तहत पाइपलाइन आधारित गैस की ओर तेजी से बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे आयात और सब्सिडी पर होने वाले खर्च को कम किया जा सके।
पिछले महीने केंद्र ने नई पाइपलाइन मंजूरी के लिए समय-सीमा तय करने का आदेश भी जारी किया। इसके अनुसार, अगर अधिकारी समय पर जवाब नहीं देते, तो मंजूरी स्वतः मान्य मानी जाएगी। जमीन मालिकों और स्थानीय अधिकारियों को पाइपलाइन के लिए रास्ता देने की शर्त भी लागू की गई है।
सीजीडी नेटवर्क में तेजी
सोशल मीडिया पर डॉ. नीरज मित्तल ने कहा कि पूरे देश में CGD (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि संकट को अवसर में बदलकर पाइपलाइन आधारित गैस वितरण को मजबूत किया जाए।
इस कदम से न केवल एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि जनता में फैली अफवाहें भी नियंत्रित होंगी और कालाबाजारी पर भी लगाम लगेगी।
Read This Also:- दिल्ली शराब नीति पर PAC रिपोर्ट, सुधार के लिए आदेश
Read This Also:- दिल्ली शराब नीति पर PAC रिपोर्ट, सुधार के लिए आदेश





