नेपाल में बाढ़ से हुई व्यापक तबाही
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने नेपाल में आए भीषण फ्लैश फ्लड से हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है और भारतीय राहत सहायता का समर्थन किया है। हालाँकि, उनकी पोस्ट में 'ड्रामा' शब्द के प्रयोग ने सोशल मीडिया पर विवाद उत्पन्न कर दिया।
थरूर ने बताया कि वह बुधवार को काठमांडू पहुंचे थे और वहां पहुंचने के बाद ही उन्हें बाढ़ से हुए जान-माल के भारी नुकसान की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि इस आपदा में 160 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और करीब 2,000 या उससे अधिक लोग लापता हैं।
बाढ़ के प्रभाव और नुकसान की जानकारी
थरूर के अनुसार, बाढ़ के विकराल प्रवाह ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। उन्होंने अपनी पोस्ट में उल्लेख किया कि कम से कम 19 मोटरेबल पुल बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गए हैं और बेट्रावती-रसुवागढ़ी हाईवे का लगभग 40 किलोमीटर हिस्सा बह गया है। इसके अलावा, आठ सक्रिय हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित लोगों में भारतीय पर्यटकों की बड़ी संख्या है, जिसमें लगभग 100 लोग कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भी शामिल हैं।
भारत की राहत सहायता का समर्थन
थरूर ने नेपाल के लिए भारत सरकार द्वारा घोषित तत्काल राहत सहायता का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नेपाल को जितनी मदद मिल सके, उसकी आवश्यकता है और उन्होंने आपदा में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लापता लोगों के सुरक्षित बचाव के लिए प्रार्थना भी की।
सोशल मीडिया पर 'ड्रामा' शब्द पर उठे सवाल
थरूर की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने आपदा का संदर्भ देते हुए 'ड्रामा' शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताई। एक यूजर ने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के बाद अब यह पर्यावरण ही इंसानों को नुकसान पहुंचा रहा है।
एक अन्य यूजर ने थरूर के शब्द चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक समृद्ध शब्दावली वाले व्यक्ति के लिए 'ड्रामा' कहना उचित नहीं था। कुछ यूजर्स ने यह भी टिप्पणी की कि थरूर की भाषा पर पकड़ होने के बावजूद ऐसा शब्द उपयोग करना उनकी उम्मीद के खिलाफ था। इस प्रकार, थरूर की टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।





