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सीएम विजय ने द्रमुक को दी चेतावनी, सबूत के लिए न करें दबाव

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने द्रमुक को भ्रष्टाचार के सबूत मांगने पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उनके पास संबंधित फाइलें मौजूद हैं और वे सही समय पर जानकारी सार्वजनिक करेंगे।

सीएम विजय ने द्रमुक को दी चेतावनी, सबूत के लिए न करें दबाव
फोटो: सीएम विजय ने द्रमुक को दी चेतावनी, सबूत के लिए न करें दबाव

मुख्यमंत्री की स्पष्ट चेतावनी

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को विपक्षी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह पूर्ववर्ती सरकार के भ्रष्टाचार के सबूत मांगने की कोशिश न करे। विजय ने कहा कि उनके पास पहले से ही तीन सरकारी विभागों से जुड़ी फाइलें हैं, जो अपराध में संलिप्तता का संकेत देती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन फाइलों की समीक्षा पहले ही की जा चुकी है और ये अभी भी उनकी मेज पर रखी हैं।


सीएम विजय ने कहा कि वह उचित समय पर इन फाइलों की जानकारी सार्वजनिक करेंगे। उनका कहना था कि यदि विपक्ष ने सबूत मांगने की कोशिश की, तो उन्हें मजबूर किया जाएगा कि वे जानकारी साझा करें।


विपक्ष की आलोचना का जवाब

विधानसभा में विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले कोई बयान नहीं देने का फैसला किया था, लेकिन विपक्ष की ओर से सबूत की मांग ने उन्हें बोलने के लिए मजबूर किया। उन्होंने बताया कि एक हफ्ते पहले वित्त मंत्री एन मैरी विल्सन ने कहा था कि फाइलें उनकी मेज पर हैं, और यह कोई सामान्य बयान नहीं था।


विजय ने कहा, "मुझे मजबूर न करें। मैं सही समय पर जानकारी साझा करूंगा।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें पता है कि लोगों से कब, क्या और कैसे बात करनी है।


विधानसभा में हंगामा और अन्नाद्रमुक का बहिर्गमन

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में सत्ता पक्ष के सदस्यों द्वारा मेजों को थपथपाने के बीच यह कहा कि वह प्रतिक्रिया देने से कतरा नहीं रहे हैं, लेकिन उन्होंने संयम बरते रखा है ताकि विधानसभा उपचुनाव में लोगों का भला हो सके। विधानसभा में उस समय तीखी नोक-झोंक हुई जब विपक्ष ने द्रमुक सरकार के समय में भ्रष्टाचार के आरोपों के सबूत मांगने शुरू किए।


इस बीच, विपक्षी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के सदस्यों ने विधानसभा से बहिर्गमन किया। विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने उन्हें सलाह दी कि वे अपने मुद्दों को बृहस्पतिवार को उठाएं। अन्नाद्रमुक नेता ई. के. पलानीस्वामी ने सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने लगातार पांच दिनों तक यह मुद्दा उठाया, लेकिन उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला।


पूर्व मुख्यमंत्री की मांगें

पलानीस्वामी ने राज्य सरकार से मृत मछुआरे का शव जल्दी तमिलनाडु लाने, घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की आर्थिक सहायता के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में सक्रियता दिखानी चाहिए, अन्यथा विपक्ष और जनता का विश्वास खो देगी।