आइशी घोष गिरफ्तार: प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाई के बीच राजनीतिक घमासान
आइशी घोष गिरफ्तार: नीट (NEET) परीक्षा में धांधली के खिलाफ किए गए प्रदर्शनों के बाद कानूनी और पुलिस कार्रवाई की प्रक्रियाओं ने राजनीतिक हलचलों को जन्म दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली पुलिस पर एसएफआई (SFI) की अखिल भारतीय संयुक्त सचिव आइशी घोष की गिरफ्तारी की कोशिशों का आरोप लगाते हुए एक राजनीतिक छात्र संगठन के बचाव में कदम बढ़ाया है। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार की मंशा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सौरव दास ने अपने बयान में कहा, 'सुप्रीम कोर्ट का राजनीतिकरण नहीं किया जा सकता और इसके आदेशों को हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। देशवासियों को एक अटूट गारंटी दी गई थी, जिसका सम्मान होना चाहिए। सभी दर्ज प्राथमिकियां तुरंत वापस ली जानी चाहिए।'
सरकार के तर्कों पर उठे सवाल
आइशी घोष गिरफ्तार: सौरव दास ने कहा कि अगर अपराधी खुलेआम घूम रहे थे, तो पुलिस को उनके पुराने मामलों में जमानत रद्द कराने के लिए आवेदन करना चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि पुलिस को इतनी आजादी से घूमने की अनुमति क्यों दी गई? 'सरकार इस बहाने का उपयोग एफआईआर जारी रखने के लिए नहीं कर सकती, ताकि वास्तविक और निष्ठावान प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा सके।' उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार को यह छूट दी गई, तो उसका दुरुपयोग निश्चित है।
दास ने यह भी कहा कि देश का युवा इसे किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा और वे हर उस प्रदर्शनकारी के साथ खड़े रहेंगे जिसने समाज के भविष्य के लिए आवाज उठाई है।
CJP की चेतावनी और एसएफआई का आह्वान
छात्र नेता आशुतोष रांका ने आइशी घोष पर संभावित कार्रवाई को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, 'अगर आइशी घोष को कुछ भी होता है, तो सरकार एक ऐसा प्रदर्शन देखेगी जो पहले कभी नहीं हुआ होगा। हमारी टीम का उत्पीड़न बंद करें और अपने वादों का सम्मान करें।'
आइशी घोष गिरफ्तार: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने आइशी घोष की गिरफ्तारी के प्रयासों की कड़ी निंदा करते हुए अपने कार्यकर्ताओं और छात्रों से आक्रोश के साथ 'उठ खड़े हों' का आह्वान किया है। एसएफआई ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस प्रशासन के इशारे पर छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
Read This Also:- नीट प्रदर्शनकारी: बंगाल सरकार ने कार्रवाई से किया इनकार।





