CJP का सरकार पर आरोप: सरकार की बैठक में कोई लिखित गारंटी नहीं मिली
CJP का सरकार पर आरोप: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार रात को यह दावा किया है कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को वापस लेने के लिए सरकार की ओर से अब तक कोई लिखित गारंटी नहीं दी गई है। प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट का आदेश दिखाया, लेकिन इसमें भविष्य में किसी भी कार्रवाई के लिए कोई लिखित आश्वासन नहीं मिला।
दास ने बताया कि मंगलवार शाम को सरकारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान, केंद्र सरकार ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति दिखाई, जिसमें विशेष रूप से 'दिशा-निर्देश संख्या 4' का उल्लेख था। यह निर्देश मौजूदा एफआईआर की जांच जारी रखने की अनुमति देता है।
सरकार की दलील और CJP की प्रतिक्रिया
CJP का सरकार पर आरोप: सौरव दास ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा, "सरकार का कहना था कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट का निर्देश एक लिखित आदेश है, इसलिए यह मामला अब विचाराधीन है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब उन्होंने सरकार से लिखित गारंटी की मांग की, तो उन्हें कोई सकारात्मक उत्तर नहीं मिला। दास के अनुसार, सरकार ने पहले कहा था कि एफआईआर वापसी और भविष्य में कार्रवाई न करने की गारंटी केवल दिल्ली तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह भाजपा या एनडीए शासित अन्य राज्यों पर भी लागू होगी।
युवाओं के साथ धोखा और आंदोलन की चेतावनी
सौरव दास ने कहा कि इस मामले को सुलझाने के लिए मंगलवार की डेडलाइन तय की गई थी, लेकिन केंद्र से कोई लिखित आश्वासन न मिलने पर उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार देश के युवाओं के साथ बड़ा धोखा कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि CJP किसी भी आदेश को स्वीकार नहीं करेगा जो सरकार द्वारा दिए गए वादों का उल्लंघन करता हो।
दास ने आगाह किया कि यदि वादे पूरे नहीं हुए, तो CJP दिल्ली और अन्य राज्यों में एक बड़े राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान करेगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए
CJP का सरकार पर आरोप: सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर लिखा कि सरकार को सर्वोच्च अदालत के आदेशों का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए और इसे असली प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं, तो पुलिस को उनके पुराने मामलों में जमानत रद्द करने की अर्जी देनी चाहिए, लेकिन सरकार को इस बहाने का उपयोग एफआईआर को आगे बढ़ाने के लिए नहीं करना चाहिए।"
CJP के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
CJP के अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रवक्ता आशुतोष रंका ने 'एक्स' पर लिखा, "हम मांग करते हैं कि सभी एफआईआर तुरंत वापस ली जाएं, छात्रों को रिहा किया जाए और दिल्ली पुलिस सहित अन्य एजेंसियों को भविष्य में कोई एफआईआर दर्ज न करने दिया जाए।"
CJP का सरकार पर आरोप: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस द्वारा छात्रों का उत्पीड़न जारी रहा, तो पार्टी जल्द ही एक बड़े शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आयोजन करेगी और सरकार से छात्रों को निशाना बनाना बंद करने की मांग की।
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