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चिराग पासवान ने CJP विरोध पर उठाए सवाल, बातचीत को बताया जरूरी

चिराग पासवान ने बातचीत के माध्यम से समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।

चिराग पासवान ने CJP विरोध पर उठाए सवाल, बातचीत को बताया जरूरी
फोटो: Chirag Paswan Questions CJP Protests, Stresses Importance of Dialogue

चिराग पासवान ने उठाए सवाल

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले विरोध-प्रदर्शन से पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कई राज्यों से नई दिल्ली आने वाली ट्रेनों के रद्द होने और दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों के बंद होने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोग कितनी ट्रेनें रोकने या कितनी सड़कें जाम करने में सक्षम होंगे।


सोनीपत के एक शैक्षणिक संस्थान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पासवान ने कहा, "ये भारत के युवा हैं, इन्हें कोई रोक नहीं सकता।" उन्होंने यह भी पूछा कि वास्तव में कितनी ट्रेनें रोकी जा सकती हैं और कितनी कनेक्टिविटी बाधित की जा सकती है।


प्रदर्शन और संवाद का महत्व

चिराग पासवान ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में प्रदर्शन करना आवश्यक है, लेकिन इसका समाधान बातचीत से ही निकलता है। उन्होंने कहा, "अगर प्रदर्शन करना है, तो आज करें या 10 दिन बाद, लेकिन समाधान प्रदर्शन से नहीं, बल्कि बातचीत से ही निकलेगा।"


उन्होंने युवाओं के सुझावों की आवश्यकता को भी रेखांकित किया और कहा कि उनका दिल्ली जाना जरूरी है, भले ही कोई भी उनके विचारों से सहमत हो या नहीं।


राजनीतिक संवाद पर जोर

एक दिन पहले, पासवान ने कहा था कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर चिंतित राजनीतिक दलों को निर्वाचन आयोग के साथ संवाद करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि रोजाना विरोध-प्रदर्शन करने के बजाय, राजनीतिक दलों को वार्ता के माध्यम से अपने प्रश्नों का उत्तर मांगना चाहिए।


लखनऊ में अपने पिता रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "हर पार्टी को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन क्या विपक्ष केवल हंगामा खड़ा करने में रुचि रखता है?" उन्होंने निर्वाचन आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताया और सभी दलों को उसे अपने सवाल प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता देने की बात कही।