केंद्र सरकार की सराहना
केंद्र सरकार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय की प्रशंसा की है, जो एक अपेक्षित कदम के रूप में देखा जा रहा है। इस सराहना का कारण विजय का वह निर्णय है, जिसके तहत उन्होंने एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर वैट में कमी की है। इस निर्णय से एयरलाइंस कंपनियों को राहत मिली है, खासकर जब क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। तमिलनाडु ने चेन्नई में इस वैट को 29 फीसदी से घटाकर 16 फीसदी कर दिया है, जबकि अन्य सभी हवाई अड्डों पर इसे 1 फीसदी कर दिया गया है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने विजय की सराहना करते हुए कहा कि यह निर्णय एविएशन सेक्टर के लिए एक सकारात्मक कदम है।
केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी
नायडू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर वैट कम करने के निर्णय के लिए तमिलनाडु सरकार की सराहना करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय हवाई यात्रा को अधिक सस्ती बनाने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ईंधन की लागत आमतौर पर ऑपरेशन कॉस्ट का लगभग 30-40 फीसदी होती है, जो अब बढ़कर 55-60 फीसदी तक पहुंच गई है।
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते जेट ईंधन की कीमतों में वृद्धि की समस्या बढ़ी है।
तमिलनाडु सरकार का दृष्टिकोण
शुक्रवार को इस निर्णय की घोषणा करते हुए, तमिलनाडु की उद्योग मंत्री विरुधाई मगल कीर्तना ने कहा कि यह कदम हवाई यात्रा को अधिक सुलभ बनाने और क्षेत्रीय हवाई अड्डों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में सहायक होगा। उन्होंने ट्वीट किया कि संचालन लागत में कमी एयरलाइंस को नए रूट शुरू करने और उड़ानों की संख्या बढ़ाने में मदद करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य एक ऐसा एविएशन इकोसिस्टम विकसित कर रहा है जो अधिक स्थानों को जोड़ने और आर्थिक संभावनाओं को बढ़ाने में सहायक होगा।
उड़ान खर्च में वृद्धि
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है, जिसके चलते विश्वभर की एयरलाइंस तेल की कीमतों में वृद्धि और हवाई क्षेत्र बंद होने की दोहरी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। इससे उड़ान भरना उनके लिए कठिन हो गया है।
भारत में स्थिति और खराब हो गई है, जहां रुपए की घटती कीमतों और पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के बंद होने से पश्चिमी देशों की उड़ानों का खर्च बढ़ गया है। लीज रेंटल और मेंटेनेंस का खर्च भी डॉलर में होने के कारण लागत में वृद्धि हुई है।
एयरलाइंस का चेतावनी
त्योहारी सीजन के दौरान, इंडियन एयरलाइंस फ़ेडरेशन ने सरकार को चेतावनी दी है कि उनकी उड़ानें उन रूट्स पर कम हो सकती हैं, जहां लागत अधिक है। ईंधन की कीमतें एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
ईंधन की कीमतों में कमी एयरलाइंस की लागत को कम करेगी और हवाई किराए को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकती है, विशेषकर उन रूट्स पर जहां टैक्स की बचत अधिक है। इन सबके बीच, विजय सरकार द्वारा जेट ईंधन पर टैक्स में कटौती एक महत्वपूर्ण कदम है।





