सीबीआई की कार्रवाई से राजनीतिक उथल-पुथल
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर सीबीआई की छापेमारी ने राज्य की राजनीतिक स्थिति में व्यापक हलचल पैदा कर दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। मान और AAP नेतृत्व ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों जैसे भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल ने इसे न्यायालय के आदेश पर की गई निष्पक्ष कार्रवाई बताया है और मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की है।
सीबीआई की जांच के पीछे का कारण
सीबीआई ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक अधिकारी और अन्य उच्च अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। इसी संदर्भ में, एजेंसी ने मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस सहित कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के आधार पर की गई है, जिसने इस मामले की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी को नियुक्त किया।
हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए इस मामले की गंभीरता को उजागर किया। आरोप है कि इन अधिकारियों ने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की तैनाती, नीतिगत निर्णयों, टेंडर की शर्तों और राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार में शामिल होकर गंभीर उल्लंघन किए हैं।
मुख्यमंत्री का बयान और AAP का रुख
छापेमारी की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, 'भाजपा ने पंजाब चुनावों की तैयारी प्रारंभ कर दी है। मेरे कैंप ऑफिस पर सीबीआई का छापा मारा गया है। अब ED और CBI का दुरुपयोग करके मुझे और पंजाब सरकार को बदनाम किया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि जनता का समर्थन भाजपा को बौखला रहा है।
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा चुनाव में जीतने के लिए ED और CBI का प्रयोग कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की जनता आगामी चुनावों में भगवंत मान को 100 से अधिक सीटें देकर इसका उत्तर देगी।
भाजपा का प्रतिवाद और अन्य दलों की प्रतिक्रिया
भाजपा ने AAP के सभी आरोपों को नकारते हुए जवाब दिया है। पार्टी के नेता तरुण चुग ने मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि CBI को जांच के निर्देश पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दिए हैं। उनका कहना है, 'सच्चाई और तथ्यों को सामने आने दें। यदि आरोप झूठे हैं तो जांच में यह भी साबित हो जाएगा।'
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP सरकार से जांच में सहयोग करने की अपील की और कहा कि सरकार को अपनी गलतियों से भागने के बजाय कानून का पालन करना चाहिए।
विपक्ष का हमलावर रुख
सीबीआई की कार्रवाई के बाद पंजाब के विपक्षी दलों ने भगवंत मान सरकार पर व्यापक हमले किए हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने एक्स पर लिखा कि जिस आवास से पंजाब सरकार चल रही थी, वही अब CBI के रडार पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब को राजनीतिक सौदेबाजी की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा।
वहीं, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह ने कहा कि AAP की नैया अब डूबने वाली है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि इस छापे ने पंजाब के सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, और झूठे वादों और भ्रष्टाचार का खेल अब खत्म हो रहा है।





