युवाओं को प्राथमिकता
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी आगामी सरकारों में युवा नेतृत्व को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है, जिसमें खासतौर पर साठ साल से कम उम्र के नेताओं को शामिल किया जाएगा। पार्टी के संकेतों के अनुसार, यह कदम देश की नई पीढ़ी की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है।
हालांकि, सरकार में कुछ वरिष्ठ नेताओं को भी स्थान दिया जाएगा। अगले वर्ष भाजपा को सात राज्यों में चुनाव का सामना करना है, जिनमें से पांच राज्यों में वर्तमान में भाजपा के मुख्यमंत्री हैं। इस बदलाव का स्पष्ट प्रभाव इन राज्यों में देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्रियों की उम्र
भाजपा के पास वर्तमान में देश भर में 17 मुख्यमंत्री हैं, जिनमें से केवल पांच की उम्र साठ वर्ष से अधिक है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू सबसे कम उम्र के हैं, जिनकी आयु 47 वर्ष है, जबकि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा 73 वर्ष के हैं। छत्तीसगढ़, गुजरात और मणिपुर के मुख्यमंत्री भी साठ साल से अधिक के हैं।
इस परिवर्तन के साथ, भाजपा नेतृत्व ने नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अब नई पीढ़ी को आगे लाने का प्रयास कर रही है। जेन जी के आंदोलन के मद्देनजर, भाजपा इस दिशा में अपने फैसलों को राज्यों में भी लागू करने की योजना बना रही है।
आगामी चुनावों में युवा चेहरे
गुजरात में उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भाजपा के युवा चेहरे के रूप में उभर रहे हैं। वहीं, मणिपुर की स्थिति अलग है, जहां पार्टी एक अलग रणनीति अपनाएगी। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में, जहां भाजपा की सरकारें नहीं हैं, वहां पार्टी युवा चेहरों को आगे लाने की योजना बना रही है।
इस युवा नेतृत्व की रणनीति के साथ, भाजपा आगामी चुनावों में अपनी नई दिशा को प्रमाणित करने की कोशिश करेगी।
सेवा संकल्प अभियान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर, भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाएगी, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में सेवा और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन करना है।
इस अभियान का मकसद मोदी के सार्वजनिक जीवन को समर्पित करते हुए उनके सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में इस अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की गई, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, स्मृति ईरानी तथा अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।





