राहुल गांधी के बयानों पर भाजपा की प्रतिक्रिया
टेस्ला और एक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को लेकर राहुल गांधी के बयान सियासी विवाद का कारण बन गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पर तीखे हमले किए। भाजपा ने स्पष्ट किया कि भारत में स्पेक्ट्रम आवंटन बिना किसी भेदभाव और पूरी तरह से कानून के अनुसार किया जाएगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव ने कहा, 'भारत कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है, जहां नियमों को नजरअंदाज करके फैसले लिए जाएं।'
राम माधव का राहुल गांधी पर निशाना
भाजपा नेता राम माधव ने राहुल गांधी के स्टारलिंक पर बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि कई कंपनियां जैसे जियो, एयरटेल और स्टारलिंक स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रतीक्षा कर रही हैं। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों को वे धनवान और शक्तिशाली बता रहे हैं, वे भी स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए कतार में हैं।' माधव ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी पहले एलन मस्क के सामने झुकने का आरोप लगाते थे, लेकिन अब वे खुद इतनी जल्दी झुक रहे हैं।
कांग्रेस के पूर्व बयानों का उल्लेख
राम माधव ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के पुराने बयानों की याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस ने पहले स्टारलिंक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। उन्होंने कहा, 'कुछ महीने पहले, जयराम रमेश कह रहे थे कि एलन मस्क का स्टारलिंक देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। अचानक वे 'सरेंडर गांधी' कैसे बन गए?'
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मस्क को खुश करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, 'उन्हें ऐसा क्या मिला कि जो लोग पहले हम पर आरोप लगाते थे, वे अब एलन मस्क की सेवा में जुट गए हैं?'
भ्रष्टाचार के आरोप और मोदी सरकार का बचाव
राम माधव ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर स्पेक्ट्रम आवंटन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान स्पेक्ट्रम को लापरवाही से बेचा गया। उन्होंने कहा, 'यह मोदी सरकार है। यहां सब कुछ नियमों और कानूनों के अनुसार होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि 'सरेंडर गांधी' कितनी भी कोशिश कर लें, इसका असर स्पेक्ट्रम आवंटन पर नहीं पड़ेगा।
विवाद की पृष्ठभूमि
भारत सरकार ने गुरुवार को उन आरोपों को खारिज कर दिया था कि घरेलू व्यवसायों के हितों के चलते स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को रोका जा रहा है। एलन मस्क ने एक पोस्ट में कहा था, 'स्टारलिंक के पास 165 से अधिक देशों में लाइसेंस हैं और उसने भारत सरकार के हर कानून और आवश्यकता को पूरा करने में पांच साल बिताए हैं।' उन्होंने यह भी पूछा कि अब तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला और क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं। इसके बाद, उन्होंने राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर उन्हें धन्यवाद दिया।





