भाजपा संगठनात्मक बदलाव: नई टीम के गठन की योजना
भाजपा संगठनात्मक बदलाव: भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व संगठन की नई टीम में युवा और अनुभवी नेताओं का सम्मिलन करने की योजना बना रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में कुछ प्रमुख नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। इसके लिए पार्टी पूर्व में संगठन में कार्यरत केंद्रीय मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों के नामों पर विचार कर रही है।
इस प्रक्रिया में राज्य स्तर पर काम कर रहे अनुभवी नेताओं को राष्ट्रीय स्तर की भूमिकाओं में लाए जाने की संभावना भी है। भाजपा को आगामी छह महीनों में पांच राज्यों के चुनाव का सामना करना है, जिनमें चार राज्यों में उसकी सरकारें हैं। इस संदर्भ में संगठन को प्रभावी बनाए रखने के लिए नेतृत्व बड़े बदलाव की योजना बना रहा है।
प्रधानमंत्री की सहभागिता
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के उच्चतम स्तर पर चल रही विचार-विमर्श प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की भी भागीदारी है। सरकार में निकट भविष्य में होने वाले फेरबदल को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रमुख नेताओं को संगठन में शामिल करने की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया में लगभग आधा दर्जन पूर्व सांसदों को भी संगठन में लाने की योजना है। मौजूदा संगठन में कार्यरत चार से पांच नेताओं को पदोन्नति देकर नई भूमिकाएं देने का भी प्रस्ताव है।
महिलाओं के लिए बढ़ती संभावनाएं
भाजपा संगठनात्मक बदलाव: केंद्रीय पदाधिकारियों और विभिन्न राज्यों के प्रभारी, मोर्चों के अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया के चलते नाम तय करने में समय लग रहा है। भाजपा के संविधान के अनुसार, कार्यकारिणी में कम से कम 25 फीसदी नए सदस्यों का होना अनिवार्य है, और यह संख्या बढ़ भी सकती है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से भाजपा काम कर रही है। केंद्रीय पदाधिकारियों में 33 फीसदी महिलाओं का होना आवश्यक है। यदि यह आंकड़ा पूरा नहीं हो पाता है तो भी इस बार 20 से 25 फीसदी महिलाओं को स्थान मिलने की संभावना है।
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