मुख्यमंत्री की यूरोप यात्रा
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इस समय यूरोप में यात्रा पर हैं। उनकी यह यात्रा उस समय चर्चा का विषय बनी जब राज्य सरकार ने उन्हें अमेरिका जाने की अनुमति नहीं दी। अब ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर माया ट्यूडर से उनकी मुलाकात को लेकर भाजपा ने नाराजगी व्यक्त की है।
रेवंत रेड्डी ने 'ब्लावत्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट' के फैकल्टी सदस्यों से मुलाकात की, जिसमें माया ट्यूडर भी शामिल थीं। जैसे ही उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, भाजपा ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाना शुरू कर दिया और माया ट्यूडर को ‘एंटी-इंडिया’ करार दिया।
भाजपा सांसद का बयान
भाजपा सांसद अरविंद धर्मपुरी ने रेवंत रेड्डी को निशाने पर लेते हुए कहा कि ट्यूडर अपने भारत विरोधी दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कहा, 'रेवंत रेड्डी का उनसे मिलना गलत है।'
धर्मपुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर माया ट्यूडर ने कई भारत-विरोधी लेख लिखे हैं, जिनमें 'भारत का लोकतंत्र क्यों मर रहा है' भी शामिल है। रेवंत रेड्डी, जो संयोगवश मुख्यमंत्री बने हैं, आज उनसे मिल रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनमें कोई शर्म बची नहीं है और वे भारत-विरोधी ताकतों से जुड़ गए हैं।'
माया ट्यूडर का विवादित लेख
माया ट्यूडर ने 2023 में जर्नल ऑफ डेमोक्रेसी में एक लेख लिखा, जिसका शीर्षक 'भारत का लोकतंत्र क्यों मर रहा है' है। इस लेख ने काफी विवाद उत्पन्न किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के कार्यकाल के दौरान भारत के लोकतांत्रिक ढांचे का विश्लेषण किया।
इस लेख की आलोचना के बाद भाजपा सांसद ने इसे एक और कारण बताया कि रेवंत रेड्डी का ट्यूडर से मिलना गलत है और यह भारत के प्रति उनकी निष्ठा को संदिग्ध बनाता है।
माया ट्यूडर का परिचय
ऑक्सफोर्ड के ब्लावत्निक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में पॉलिटिक्स और पब्लिक पॉलिसी की प्रोफेसर माया ट्यूडर अपने क्षेत्र की एक प्रमुख विशेषज्ञ मानी जाती हैं। उनकी शोध का मुख्य केंद्र लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और प्रभावी शासन के निर्माण पर है, जिसमें दक्षिण एशिया पर विशेष ध्यान दिया गया है।
माया ट्यूडर ने 2013 में 'द प्रॉमिस ऑफ पावर: द ओरिजिन्स ऑफ डेमोक्रेसी इन इंडिया एंड ऑटोक्रसी इन पाकिस्तान' शीर्षक से एक पुस्तक लिखी थी, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के लोकतंत्रों की स्थापना की प्रक्रिया का विश्लेषण किया।
क्या माया ट्यूडर भारत-विरोधी हैं?
माया ट्यूडर ने दक्षिण एशिया के लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर लगातार शोध किया है और विभिन्न देशों में राष्ट्रवाद और राजनीतिक ढांचों का अध्ययन किया है। उनके काम में तानाशाही, लोकतंत्र और राष्ट्रवाद पर आधारित अध्ययन शामिल हैं।
हालांकि, उनकी आलोचना के कारण भाजपा के सांसदों ने उन्हें भारत के खिलाफ माना है। उनके ऑक्सफोर्ड प्रोफाइल में 'राष्ट्रवाद, तानाशाही और लोकतंत्र' जैसे विषयों पर शोध के उल्लेख के बावजूद, वे मोदी सरकार की आलोचना करने के लिए चर्चा में रही हैं।





