भाजपा विधायक का विवादित बयान
केंद्रीय मंत्री के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के कारण भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ रॉय पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। भाजपा ने गंगारामपुर से विधायक रॉय को बुधवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें उनसे एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। यह कार्रवाई रॉय द्वारा बालुरघाट से सांसद सुकांत मजूमदार के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी के बाद की गई।
भाजपा की अनुशासन समिति के प्रमुख प्रताप बनर्जी ने रॉय को नोटिस जारी करते हुए कहा, 'केंद्रीय मंत्री के खिलाफ आपकी अनैतिक टिप्पणी शर्मनाक है और यह पार्टी के संविधान का उल्लंघन करती है। इससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा है।'
गुप्त संबंधों का आरोप
यह नोटिस रॉय द्वारा अपने फेसबुक खाते पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश के संदर्भ में जारी किया गया, जिसमें उन्होंने दक्षिण दिनाजपुर जिले में पार्टी के आंतरिक समीकरणों पर सवाल उठाए। रॉय ने मजूमदार और तृणमूल कांग्रेस के नेता बिप्लब मित्रा के बीच 'करीबी संबंध' होने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि भाजपा के कुछ सदस्यों के तृणमूल कांग्रेस के साथ गुप्त संबंध हैं।
रॉय ने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं के बीच संबंध 'ममेरे भाइयों' जैसे हैं। यह टिप्पणी मित्रा के द्वारा तृणमूल कांग्रेस की एक जिला स्तरीय बैठक में मजूमदार की प्रशंसा के बाद की गई है।
चुनावों के बाद की स्थिति
बिप्लब मित्रा ने 2026 के विधानसभा चुनाव में हरिरामपुर सीट पर 2,000 से कम मतों के मामूली अंतर से जीत हासिल की थी। चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस में उभरे मतभेदों के कारण, मित्रा ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट से अलग होकर असंतुष्ट नेता ऋतब्रत बनर्जी के गुट में शामिल हो गए हैं।
रॉय ने इस संदर्भ में कहा, 'हमारी पार्टी के कुछ नेताओं और बदली हुई तृणमूल के नेताओं के बीच लंबे समय से बरकरार गोपनीय संबंधों को हमारे जिले में भाजपा को नुकसान पहुँचाने के इरादे से बनाए रखा जा रहा है।' इस नोटिस की प्रतियां भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, प्रभारी सुनील बंसल, मंगल पांडे और दक्षिण दिनाजपुर जिला भाजपा अध्यक्ष स्वरूप चौधरी को भी भेजी गई हैं।





